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... तो शासन को भी भेजेंगे फर्जी सूचना, शुरू हुई
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:24 PM IST
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आजमगढ़। सूबे की सरकार ने प्रदेश के 20 जनपदों को जापानी इंसेफ्लाइटिस से प्रभावित माना है, इनमें जिला भी शामिल है। शासन की ओर से इन जनपदों में जलनिगम से कुल स्थापित हैंडपंपों में दो फीसदी की रैंडम केमिकल और प्रयोगशाला जांचकर रिपोर्ट तलब की है। जलनिगम की प्रयोगशाला में तो जाले लगे हैं। कर्मचारी है ही नहीं। ऐसे में निगम की ओर से फर्जी सूचनाएं भेजने की बातें सामने आ रही हैं। फिलहाल विभाग का कहना है कि सैंपल लिए जा रहे हैं। जांच कराई जाएगी। कहां कराई जाएगी इस बारे में कोई कुछ कह नहीं रहा है। जापानी इंसेफ्लाइटिस हर वर्ष सैकड़ों लोगों की मौत का कारण बन रही है। सूबे की सरकार ने प्रदेश के 20 जनपदों को इस बीमारी से प्रभावित माना है। तराई क्षेत्र में इस बीमारी का प्रकोप है। हालांकि आजमगढ़ में इससे मौत का कोई आधिकारिक मामला सामने नहीं आया है। शासन की ओर से 17 मई को लखनऊ में जल निगम के कर्मचारियों और यूनीसेफ की मीटिंग हुई थी। इसके बाद जलनिगम से बुलाए गए कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया गया। अब शासन से जनपद में स्थापित कुल हैंडपंपों के दो फीसदी का केमिकल और प्रयोगशाला जांच कर रिपोर्ट तलब की है। प्रयोगशाला में बैक्टिरिया की जांच के लिए एसी आदि का पूर्ण प्रबंध होना चाहिए। शहर स्थिति प्रयोगशाला में कर्मचारियों की स्थिति तो नगण्य है। कई माह से जांच न होने के कारण करोड़ों के उपकरण धूल फांक रहे हैं। ऐसी स्थिति में वो काम कर पाएंगे, इसकी उम्मीद भी कम है। 40 डिग्री तापमान में लिए गए सैंपल के बैक्टीरिया अपने आप ही मर जाएंगे। ऐसी स्थिति में यहां जांच की भी जाती है तो रिपोर्ट क्या आएगी। इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ऊपर से जांच करेगा कौन, कर्मचारी है ही नहीं। कुछ विभागीय सूत्रों की मानें तो जब यहां जाच संभव ही नहीं तो सही रिपोर्ट कहां से भेजी जाएगी। एसके सिंह यादव, एक्सईएन जलनिगम ने कहा कि शासन से जांच के आदेश मिले हैं। कई स्थानों से हैंडपंपों के पानी के सैंपल भी लिए जा चुके हैं। जांच भी शुरू करा दी गई है। जल्द ही इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी।
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