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जनसुनवाई से नदारत मिले मंडल के तीनों जिलाधिकारी
Updated Wed, 19 Jul 2017 11:51 PM IST
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आजमगढ़। नौकरशाहों के कार्यशैली की जानकारी के लिए मुख्य सचिव ने 17 जुलाई को पूरे प्रदेश के जिलों को टेलीफोनिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में प्रदेश के 26 जिलाधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले। इसमें आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलाधिकारी शामिल थे।
उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया था अधिकारी अपने कार्यालय में सुबह नौ बजे से 11 बजे तक जनता की शिकायतों को सुनेंगे और उसका निराकरण करेंगे। शुरू में जब यह आदेश आया तो अधिकारी समय से आफिस पहुंच जाते थे लेकिन जैसे-जैसे समय बीता अधिकारी अपने पुराने ढर्रे पर चलने लगे। जनता की शिकायतों को सुनने में भी उनके द्वारा दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। जिसका परिणाम है मुख्यमंत्री के जनसुनवाई में शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। खुद वीडियो कांफ्रेसिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनसुनवाई में आए वादों के निस्तारण का निर्देश दिया। इसके बाद भी अधिकारियों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। 17 जुलाई को मुख्य सचिव राजीव कुमार ने जब प्रदेश के 75 जनपदों में स्थित जिलाधिकारी कार्यालयों का टेलीफोनिक निरीक्षण किया। निरीक्षण उन्होंने पाया कि प्रदेश के 26 जिलाधिकारी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसके आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलाधिकारी शामिल थे। मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। मंडल के तीनों जिलाधिकारी उस दिन कार्यालय में मौजूद थे। बस कोई सात मिनट तो कोई आठ मिनट देरी से पहुंचा था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह जनसुनवाई, तहसील दिवस और समाधान दिवस पर आने वाले मामलों का निस्तारण करें। हमारा प्रयास है कि जो मामले हैं उनका निस्तारण यहीं पर हो किसी को लखनऊ नहीं जाना पड़े।
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उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया था अधिकारी अपने कार्यालय में सुबह नौ बजे से 11 बजे तक जनता की शिकायतों को सुनेंगे और उसका निराकरण करेंगे। शुरू में जब यह आदेश आया तो अधिकारी समय से आफिस पहुंच जाते थे लेकिन जैसे-जैसे समय बीता अधिकारी अपने पुराने ढर्रे पर चलने लगे। जनता की शिकायतों को सुनने में भी उनके द्वारा दिलचस्पी नहीं दिखाई जा रही है। जिसका परिणाम है मुख्यमंत्री के जनसुनवाई में शिकायतों का अंबार लगा हुआ है। खुद वीडियो कांफ्रेसिंग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनसुनवाई में आए वादों के निस्तारण का निर्देश दिया। इसके बाद भी अधिकारियों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ। 17 जुलाई को मुख्य सचिव राजीव कुमार ने जब प्रदेश के 75 जनपदों में स्थित जिलाधिकारी कार्यालयों का टेलीफोनिक निरीक्षण किया। निरीक्षण उन्होंने पाया कि प्रदेश के 26 जिलाधिकारी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इसके आजमगढ़ मंडल के तीनों जिलाधिकारी शामिल थे। मंडलायुक्त के रविंद्र नायक ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। मंडल के तीनों जिलाधिकारी उस दिन कार्यालय में मौजूद थे। बस कोई सात मिनट तो कोई आठ मिनट देरी से पहुंचा था। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वह जनसुनवाई, तहसील दिवस और समाधान दिवस पर आने वाले मामलों का निस्तारण करें। हमारा प्रयास है कि जो मामले हैं उनका निस्तारण यहीं पर हो किसी को लखनऊ नहीं जाना पड़े।
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