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'मुलायम सेकुलर नहीं तो दुनिया में कोई सेकुलर नहीं'
अमर उजाला, मुरादाबाद
Updated Tue, 31 Dec 2013 11:26 AM IST
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मुजफ्फरनगर दंगे और उसके बाद राहत कैंपों की बाबत दिए विवादस्पद बयान को लेकर मुस्लिम नेताओं और धर्मगुरुओं के चौतरफा हमले झेल रहे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के बचाव में सोमवार को सपा के सबसे बड़े मुस्लिम चेहरे मोहम्मद आजम खां ने चालीस मिनट तक जबरदस्त वकालत की।
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आजम ने जोर देकर कहा कि यदि मुसलमानों को मुलायम के सेकुलर होने पर शक है तो इससे बड़ी बदनसीबी मुसलमानों की कोई ओर नहीं हो सकती। कहा कि यदि मुलायम सेकुलर नहीं हैं तो पूरी दुनिया में कोई सेकुलर पैदा नहीं हुआ।
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मुरादाबाद में जल निगम की योजनाओं का शिलान्यास करने पहुंचे आजम खां ने भावुक होकर कार्यक्रम में मौजूद बुर्कानशीं महिलाओं से पूछा कि आप खुद बताओ क्या 30 अक्तूबर 1990 का मुलायम कभी आपकी मां, बहन बेटियों की आबरू लुटवा सकता है, क्या आपके घर जलवा सकता है?
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उन्होंने कहा कि सपा की सत्ता के लिए हर मुसलमान कुर्बानी देता है, तपते हुए रास्तों से गुजरता है। दुखती रग पर हाथ रखते हुए आजम बोले, हमारे बच्चों (मुसलमानों) को हाथ पकड़कर प्रतियोगिता की कतार से निकाल दिया जाता है, बाईस साल में एक पीसीएस बनता है।
आईएएस के रिटन में टॉप बीस में मुसलमान युवक होते हैं लेकिन इंटरव्यू में नाकारा कहकर निकाल दिए जाते हैं, उस वक्त अगर कोई शख्स मुसलमानों की आवाज बनता है तो वो केवल मुलायम सिंह है।
उन्होंने मौलाना महमूद मदनी का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ मौलाना मोदी की गोद में बैठकर इस्लाम के मायने समझा रहे हैं। वो इस्लाम के नाम पर कलंक हैं उन्हें गैरत के लिए कोई दरिया भी नहीं मिलता। आजम ने कहा कि मुसलमानों कब तक अपने हमदर्द को खोते रहोगे।