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Ayodhya News: आईसीयू में मरीज की मौत पर हंगामा, परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का लगाया आरोप
Fri, 24 Jul 2026 09:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 24 Jul 2026 09:11 PM IST
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झुनझुनवाला अस्पताल में मां की मौत के बाद विरोध दर्ज कराते मृतक के परिवारीजन।
अयोध्या। शहर के हासापुर स्थित झुनझुनवाला हॉस्पिटल में आईसीयू में भर्ती एक महिला मरीज की मौत के बाद शुक्रवार तड़के परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स सो रही थी, जिससे समय पर मरीज की स्थिति का पता नहीं चल सका। सूचना पर कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली।
मृतका के बेटे राजेंद्र के अनुसार, उनकी मां चंद्रावती का 22 जुलाई को अस्पताल में हार्ट का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद से वह आईसीयू में भर्ती थीं। उन्होंने बताया कि आईसीयू में तीमारदारों के प्रवेश की अनुमति नहीं होती। आरोप है कि रात में उनकी बहन उर्मिला मां को देखने गईं तो ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उन्हें बाहर कर दिया। सुबह करीब चार बजे दोबारा देखने पर चंद्रावती कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थीं। इसके बाद अस्पताल कर्मियों को जानकारी दी गई। परिजनों का आरोप है कि रात में ही उनकी मौत हो चुकी थी, लेकिन इसकी सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई।
अस्पताल के निदेशक गिरजेश तिवारी ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि आईसीयू में चिकित्सकीय और नर्सिंग स्टाफ लगातार मौजूद था। सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारियों की गतिविधियां स्पष्ट हैं, जिन्हें परिजनों को भी दिखाया गया, जिसके बाद वे संतुष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि आईसीयू की निर्धारित व्यवस्था के तहत तीमारदारों को अंदर रहने की अनुमति नहीं होती और मरीज की स्थिति की जानकारी समय-समय पर दी जाती है।
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कैंट थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
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मृतका के बेटे राजेंद्र के अनुसार, उनकी मां चंद्रावती का 22 जुलाई को अस्पताल में हार्ट का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद से वह आईसीयू में भर्ती थीं। उन्होंने बताया कि आईसीयू में तीमारदारों के प्रवेश की अनुमति नहीं होती। आरोप है कि रात में उनकी बहन उर्मिला मां को देखने गईं तो ड्यूटी पर मौजूद नर्स ने उन्हें बाहर कर दिया। सुबह करीब चार बजे दोबारा देखने पर चंद्रावती कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही थीं। इसके बाद अस्पताल कर्मियों को जानकारी दी गई। परिजनों का आरोप है कि रात में ही उनकी मौत हो चुकी थी, लेकिन इसकी सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई।
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अस्पताल के निदेशक गिरजेश तिवारी ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि आईसीयू में चिकित्सकीय और नर्सिंग स्टाफ लगातार मौजूद था। सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारियों की गतिविधियां स्पष्ट हैं, जिन्हें परिजनों को भी दिखाया गया, जिसके बाद वे संतुष्ट हो गए। उन्होंने कहा कि आईसीयू की निर्धारित व्यवस्था के तहत तीमारदारों को अंदर रहने की अनुमति नहीं होती और मरीज की स्थिति की जानकारी समय-समय पर दी जाती है।
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कैंट थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। परिजनों की ओर से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।