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Ayodhya News: राम मंदिर की पूजा पद्धति में फिलहाल नहीं होगा कोई बदलाव
Thu, 23 Jul 2026 10:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 23 Jul 2026 10:16 PM IST
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श्रीराम प्रभु जी मंदिर परिसर।
अयोध्या। राम मंदिर में भगवान रामलला की पूजा पद्धति को लेकर चल रही चर्चा के बीच नवगठित धार्मिक समिति के सदस्य महंत रामानंद दास ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मंदिर की पूजा-अर्चना की व्यवस्था में किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। रामलला की नियमित पूजा पूर्ववत श्रीरामानंदीय वैष्णव परंपरा के अनुसार ही जारी रहेगी।
धार्मिक समिति की बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में महंत रामानंद दास ने कहा कि यदि भविष्य में पूजा व्यवस्था में किसी सुधार या परिवर्तन की आवश्यकता महसूस होती है तो उस पर कोई एकतरफा निर्णय नहीं लिया जाएगा। किसी भी बदलाव से पहले संत-महात्माओं और धर्माचार्यों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा तथा उनकी सहमति के बाद ही फैसला होगा।
महंत रामानंद दास ने कहा कि राम मंदिर के सभी पुजारियों को श्रीरामानंदीय वैष्णव परंपरा के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और वर्तमान में सभी धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजा-विधि उसी शास्त्रोक्त परंपरा के अनुसार संपन्न हो रहे हैं। ऐसे में फिलहाल पूजा पद्धति में किसी बदलाव की आवश्यकता नहीं है।
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गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हाल ही में रामलला की पूजा व्यवस्था और धार्मिक विषयों पर मार्गदर्शन के लिए एक धार्मिक समिति का गठन किया है। समिति की पहली बैठक में पूजा पद्धति, परंपराओं और धार्मिक व्यवस्थाओं पर संत समाज की राय को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।
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धार्मिक समिति की बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में महंत रामानंद दास ने कहा कि यदि भविष्य में पूजा व्यवस्था में किसी सुधार या परिवर्तन की आवश्यकता महसूस होती है तो उस पर कोई एकतरफा निर्णय नहीं लिया जाएगा। किसी भी बदलाव से पहले संत-महात्माओं और धर्माचार्यों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा तथा उनकी सहमति के बाद ही फैसला होगा।
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महंत रामानंद दास ने कहा कि राम मंदिर के सभी पुजारियों को श्रीरामानंदीय वैष्णव परंपरा के अनुरूप विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और वर्तमान में सभी धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजा-विधि उसी शास्त्रोक्त परंपरा के अनुसार संपन्न हो रहे हैं। ऐसे में फिलहाल पूजा पद्धति में किसी बदलाव की आवश्यकता नहीं है।
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गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हाल ही में रामलला की पूजा व्यवस्था और धार्मिक विषयों पर मार्गदर्शन के लिए एक धार्मिक समिति का गठन किया है। समिति की पहली बैठक में पूजा पद्धति, परंपराओं और धार्मिक व्यवस्थाओं पर संत समाज की राय को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।