फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   There will be a struggle to bring the main accused to the dock

Ayodhya News: मुख्य आरोपियों को कटघरे में खड़ा कराने के लिए होगा संघर्ष

Fri, 25 Sep 2026 01:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 25 Sep 2026 01:22 AM IST
विज्ञापन
There will be a struggle to bring the main accused to the dock
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में दाखिल आरोपपत्र को लेकर अधिवक्ता संघ ने पुलिस विवेचना पर सवाल उठाए हैं। बार एसोसिएशन अयोध्या के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि संघ बैकफुट पर आने वाला नहीं है। मुख्य आरोपियों को कटघरे में खड़ा कराने के लिए लड़ाई जारी रहेगी। उनका आरोप है कि विवेचना के दौरान ऐसे लोगों को बचाया गया, जिनकी भूमिका चोरी में रही या जिन्होंने आरोपियों का सहयोग किया।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि अधिवक्ता संघ ने चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए रामजन्मभूमि थाने में तहरीर दी थी। पुलिस की ओर से पीली पर्ची देकर रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
विज्ञापन

10 शपथपत्र, नौ अधिवक्ताओं के बयान, फिर भी नहीं हुई जांच
कालिका प्रसाद मिश्रा के मुताबिक, संघ ने विवेचक को साक्ष्य के तौर पर दस लोगों के शपथपत्र दिए थे। नौ अधिवक्ताओं के मौखिक बयान भी दर्ज कराए गए। इसके बावजूद शपथपत्र और बयानों के आधार पर अपेक्षित जांच नहीं की गई। उनका आरोप है कि विवेचना में मुख्य आरोपियों को बचाया गया। संघ ने भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में दाखिल आरोपपत्र पर आपत्ति भी दर्ज कराई है। वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ताओं पीएन सिंह, केसी खरे, विजय बहादुर सिंह, सौरभ मिश्रा और निजामुद्दीन खान ने अदालत के समक्ष आरोपपत्र की कमियां रखीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के बाद तय होगी रणनीति
बार एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट के आदेश की प्रमाणित प्रति मिलने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। जरूरत पड़ी तो संघ ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपियों को अदालत के सामने लाने के लिए संघ की लड़ाई जारी रहेगी।
आरोप तय होने के बाद दर्ज होंगे गवाहों के बयान
वरिष्ठ फौजदारी अधिवक्ता एवं पूर्व मंत्री आलोक खरे ने बताया कि आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल होने के बाद नियमानुसार न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। आरोपियों को आरोपपत्र और संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद न्यायालय आरोपों पर विचार कर आरोप तय करेगा। आरोप तय होने के बाद अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज होंगे। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत मामले का निर्णय करेगी।

मुख्य आरोपियों को मुलजिम न बनाना विवेचना की बड़ी कमी
बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सूर्य नारायण सिंह ने कहा कि न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल कर कार्रवाई तो की गई है, लेकिन मुख्य आरोपियों को मुलजिम नहीं बनाया जाना विवेचना की बड़ी कमी है। इसी बिंदु को लेकर अधिवक्ता संघ लगातार सवाल उठा रहा है। पूर्व मंत्री गिरीश तिवारी ने कहा कि आरोपपत्र से अधिवक्ताओं में निराशा है। उनका आरोप है कि संघ की ओर से दिए गए शपथपत्रों और दर्ज कराए गए बयानों के आधार पर पर्याप्त जांच नहीं की गई और अपेक्षित साक्ष्य भी संकलित नहीं किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed