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Ayodhya News: चार्जशीट में टिन्नू की बिना पद के भी गणना कक्ष तक पहुंचने का जिक्र

Fri, 25 Sep 2026 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 25 Sep 2026 01:25 AM IST
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Chargesheet reveals Tinnu's access to the counting room despite holding no official position
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की चार्जशीट में मंदिर की आंतरिक व्यवस्था में ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय के चालक रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की कथित मजबूत पकड़ का खुलासा हुआ है। विवेचना के मुताबिक मंदिर में किसी पद पर नहीं होने के बावजूद टिन्नू कई अहम व्यवस्थाओं में दखल रखता था। लोगों पर रौब जमाने के लिए वह चंपत राय के नाम और प्रभाव का हवाला देता था। जांच में उसकी पहुंच गणना कक्ष तक होने और दानपात्रों की चाबियां उसके पास रहने की बात सामने आई है।
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गेट खुलवाने से वीआईपी दर्शन तक दखल :
चार्जशीट के मुताबिक मंदिर में मालवाहकों के प्रवेश का गेट टिन्नू के निर्देश के बिना नहीं खुलता था। वायरलेस कर्मचारियों को भी वह लगातार निर्देश देता रहता था। वीआईपी दर्शन की व्यवस्था में उसकी भूमिका बताई गई है। लॉकर की चाबियां भी उसके पास रहने का उल्लेख विवेचना में है। पुलिस ने उसकी गतिविधियों से जुड़े सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और डिजिटल संदेशों को जांच का आधार बनाया है।
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बिना आदेश चाबियां, फिर चढ़ावे की रकम पर सवाल :
विवेचना में सबसे अहम बिंदु यह है कि टिन्नू के पास दानपात्रों की ऐसी चाबियां होने की बात सामने आई, जिनके लिए किसी औपचारिक आदेश का उल्लेख नहीं मिला। मंदिर के भीतर उसकी इस पहुंच को चढ़ावे की रकम से जुड़े घटनाक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी माना है। चार्जशीट में श्रद्धालुओं को दर्शन कराने के नाम पर रुपये लेने के आरोप से जुड़े बयान और साक्ष्य भी शामिल किए गए हैं।
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अनुकल्प मिश्रा मुख्य साजिशकर्ता :
विवेचना में अनुकल्प मिश्रा को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। पुलिस के अनुसार वह अन्य लोगों से चोरी करवाता था और चोरी की रकम का बंटवारा जनौरा के पास हाईवे किनारे एक बाग में किया जाता था। चार्जशीट में अनुकल्प के बहनोई लवकुश मिश्रा को मंदिर में नौकरी दिलाए जाने का भी उल्लेख है। पुलिस ने मंदिर के भीतर नौकरी, पहुंच और संपर्कों के इस नेटवर्क को चढ़ावा चोरी प्रकरण की अहम कड़ी माना है।
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