फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Deleted chats expose the sharing of the offering money

Ayodhya News: डिलीट चैट ने खोली चढ़ावे की रकम के बंटवारे की पोल

Fri, 25 Sep 2026 01:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 25 Sep 2026 01:24 AM IST
विज्ञापन
Deleted chats expose the sharing of the offering money
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले की जांच में आरोपितों के बीच हुई डिजिटल बातचीत ने कथित साजिश की कई कड़ियां जोड़ दी हैं। चोरी की घटना सामने आने के बाद आरोपियों ने अपने-अपने मोबाइल से व्हाट्सएप चैट डिलीट कर दिए थे। करीब 30 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद फोरेंसिक टीम ने आठों आरोपियों के मोबाइल से डिलीट चैट रिकवर किए। जांच में इन चैट के जरिये चढ़ावे की रकम निकालने, उसे छिपाने और आपस में बांटने से जुड़ी बातचीत सामने आने का दावा चार्जशीट में किया गया है। चार्जशीट में तीन हजार से अधिक टेक्स्ट मेसेज भी अहम साक्ष्य के तौर पर शामिल किए गए हैं।
विज्ञापन

चार्जशीट में अनुकल्प मिश्रा को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। पुलिस के अनुसार अनुकल्प की उसके रिश्तेदार लवकुश मिश्रा और अविनाश शुक्ला से मेसेज के जरिये लगातार बातचीत होती थी। जांच में सामने आए संदेशों को पुलिस ने कथित साजिश की अहम डिजिटल कड़ी माना है।
विज्ञापन

चार्जशीट में दर्ज एक संदेश खासा महत्वपूर्ण है। लवकुश के संदेश के जवाब में अनुकल्प ने लिखा- “पहले खेल, फिर जेल और फिर होगी बेल।” पुलिस ने इस बातचीत को भी आरोपितों की कथित योजना और गिरफ्तारी के बाद जमानत को लेकर उनके भरोसे की कड़ी के रूप में आरोपपत्र में शामिल किया है। यानी कार्रवाई का अंदेशा होने के बावजूद आरोपितों के बीच गतिविधियां जारी रखने और बाद में जमानत मिलने की उम्मीद को लेकर बातचीत हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


अनुकल्प मिश्रा : मुख्य साजिशकर्ता का आरोप
चार्जशीट में अनुकल्प मिश्रा को पुलिस ने कथित तौर पर चढ़ावा चोरी का मुख्य साजिशकर्ता बताया है। पुलिस के अनुसार वह दूसरे लोगों से चोरी करवाता था और चोरी के बाद रकम का बंटवारा जनौरा के पास एक बाग में किया जाता था। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि अनुकल्प ने अपने बहनोई लवकुश मिश्रा को मंदिर में नौकरी दिलवाई थी। पुलिस के मुताबिक फोन पर बातचीत से बचने के लिए आरोपित मैसेज के जरिये संपर्क करते थे। जांच के दौरान अनुकल्प के पास से 16.82 लाख रुपये नकद बरामद होने का भी चार्जशीट में उल्लेख है।

अविनाश शुक्ला : अनुकल्प से लगातार संपर्क और बड़ी नकदी बरामदगी
चार्जशीट में अविनाश शुक्ला को भी अनुकल्प मिश्रा के साथ लगातार संपर्क में रहने वाले आरोपियों में बताया गया है। अनुकल्प और अविनाश के बीच टेक्स्ट मेसेज के जरिये बातचीत होती थी और इस संवाद के तीन हजार से अधिक संदेशों को सर्विलांस सेल ने रिकवर किया। अविनाश के ठिकाने से 20.39 लाख रुपये नकद और 1,121 अमेरिकी डॉलर बरामद होने का उल्लेख चार्जशीट में किया गया है। इसके अलावा दो सोने की चेन, एक अंगूठी और चांदी जैसी धातु की वस्तु बरामद होने की जानकारी भी पुलिस दस्तावेजों के हवाले से सामने आई है।


लवकुश मिश्रा : नौकरी से लेकर कथित साजिश तक
चार्जशीट के मुताबिक लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा का बहनोई है और उसे कथित तौर पर अनुकल्प ने मंदिर में नौकरी दिलवाई थी। पुलिस ने अनुकल्प और लवकुश के बीच बड़ी संख्या में टेक्स्ट मैसेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। लवकुश के ठिकाने से करीब 14.25 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात भी पुलिस दस्तावेजों में कही गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed