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Ayodhya News: दिन में सता रही तपन, रात पहाड़ जैसी बर्फीली ठंड

Fri, 07 Feb 2025 09:22 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Feb 2025 09:22 PM IST
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The scorching heat during the day and the icy cold like a mountain at night
अयोध्या। फरवरी में मौसम के अजब रंग हैं। दिन में तेज धूप की तपन सता रही है तो रात पहाड़ जैसी बर्फीली ठंड लेकर आ रही है। पिछले दो दिनों से तो रात में सात से 7.5 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल रही तेज हवा शीतलहर का अहसास करा रही है। ऐसे में दिन में सामान्य तो रात में गर्म कपड़े पहनकर घरों से निकलना पड़ रहा है।
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बृहस्पतिवार से मौसम नए तरह का बदलाव लेकर आया। कमोवेश यही स्थिति शुक्रवार को भी बनी रही। दोनों ही दिन अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास 24 से 25 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके बावजूद पूरे दिन तेज धूप की तपिश मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी के तेवर दिखाती रही। शाम होने के साथ मौसम फिर अचानक करवट बदल रहा और सर्दी सताने लग रही। इसमें सबसे खास भूमिका तेज गति से चल रही पछुआ हवा निभा रही है।
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दोनों ही दिन शाम से शुरू हुई तेज पछुआ हवा पहाड़ जैसी बर्फीली ठंड के साथ शीतलहर की चुभन से हर किसी को हलकान किए रही। जो लोग दिन के मौसम के हिसाब से घरों से कपड़े पहनकर निकले, उन्हें रात में ठिठुरन और गलन का सामना करना पड़ा। दिन में गर्मी के चलते वाहनों से निकले लोगों को एसी चलाना पड़ा तो रात में खुले आसमान के नीचे अलाव को सहारा बनाना पड़ा।
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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सीताराम मिश्र ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते पहाड़ों पर बर्फबारी और पश्चिमी यूपी में बारिश हुई है। ऐसे में पहाड़ों से शीतलहर आ रही है। इसकी गति काफी तेज होने से गलन का असर भी बढ़ जा रहा है। पश्चिमी यूपी में बारिश के बाद बादल हटे तो इसका भी असर हुआ और रात के तापमान में गिरावट दर्ज हुई।





पिछले दो दिनों से तेज गति से चल रही पछुआ हवा से गेंहू समेत कई फसलों पर संकट के बादल मडरा रहे हैं। जिन किसानों के खेतों में फसल में बाली आ रही है, उन्हें ज्यादा दिक्कत हो सकती है। प्रगतिशील किसान उमानाथ शुक्ल ने बताया कि जिन बागों में आम के पेड़ में फूल आ रहे हैं, वे प्रभावित हो सकते हैं। पछेती वाली आलू की फसल को भी नुकसान हो सकता है। जायद की सब्जी वाली फसल जिन किसानों ने बो ली है, उनके खेतों में नमी कम हो रही है। जल्दी-जल्दी सिंचाई करनी पड़ेगी। ऐसा न करने से खेत की जमीन सख्त हो जाएगी और फसलों का विकास बाधित होगा। कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीपी शाही ने बताया कि गेंहू की फसल का प्रारंभिक विकास हो रहा है। किसान हल्की सिंचाई करती रहें। दिन में तापमान ज्यादा है। ऐसे में नमी बनी रहनी चाहिए। यूरिया की टॉप ड्रेसिंग भी कराएं।
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