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Ayodhya News: माता शबरी मंदिर में पूजन कर समरसता का संदेश देंगी राष्ट्रपति
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अयोध्या। आगामी 19 मार्च को होने वाले नव संवत्सर समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी। राष्ट्रपति न सिर्फ राम मंदिर के दूसरे तल पर श्रीराम यंत्र की स्थापना करेंगी बल्कि परिसर के सभी उप मंदिरों में भी दर्शन-पूजन करेंगी। इसी क्रम में वह माता शबरी के मंदिर में विशेष पूजा-अर्चन कर समरसता का संदेश देंगी।
माता शबरी का पात्र रामायण में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शबरी ने प्रभु राम को प्रेम और श्रद्धा से जूठे बेर अर्पित किए थे, जिसे भगवान राम ने स्नेहपूर्वक स्वीकार किया था। यह प्रसंग समाज में जाति-भेद से ऊपर उठकर भक्ति, प्रेम और समानता का संदेश देता है। ऐसे में राष्ट्रपति का माता शबरी मंदिर में पूजन करना सामाजिक समरसता और आदिवासी-वनवासी परंपरा के सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। वहीं राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। परकोटा के उत्तरी दिशा में समारोह के लिए मंच बन रहा है। जर्मन हैंगर लगाने का काम शुरू हो चुका है।
मेहमानों के लिए सिटिंग प्लान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। संघ की दृष्टि से बंटे सात प्रांतों के मेहमान समारोह में आ रहे हैं। इसलिए सात प्रांतों के लिए अलग-अलग बैठने के इंतजाम किए जा रहे हैं। कुल सात हजार मेहमानों के बैठने के इंतजाम किए जा रहे हैं। समारोह में अयोध्या समेत सभी सात प्रांतों के करीब 300 संतों को भी आमंत्रित किया गया है, उनके बैठने की व्यवस्था अलग होगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए हर एक ब्लॉक में पर्याप्त मात्रा में कूलर व पंखे लगाए जाएंगे। पेयजल की व्यवस्था होगी। मेहमानों के स्वागत के लिए संघ के करीब 300 स्वयं सेवकों को लगाया जाएगा।
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माता शबरी का पात्र रामायण में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। शबरी ने प्रभु राम को प्रेम और श्रद्धा से जूठे बेर अर्पित किए थे, जिसे भगवान राम ने स्नेहपूर्वक स्वीकार किया था। यह प्रसंग समाज में जाति-भेद से ऊपर उठकर भक्ति, प्रेम और समानता का संदेश देता है। ऐसे में राष्ट्रपति का माता शबरी मंदिर में पूजन करना सामाजिक समरसता और आदिवासी-वनवासी परंपरा के सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। वहीं राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। परकोटा के उत्तरी दिशा में समारोह के लिए मंच बन रहा है। जर्मन हैंगर लगाने का काम शुरू हो चुका है।
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मेहमानों के लिए सिटिंग प्लान को अंतिम रूप दिया जा रहा है। संघ की दृष्टि से बंटे सात प्रांतों के मेहमान समारोह में आ रहे हैं। इसलिए सात प्रांतों के लिए अलग-अलग बैठने के इंतजाम किए जा रहे हैं। कुल सात हजार मेहमानों के बैठने के इंतजाम किए जा रहे हैं। समारोह में अयोध्या समेत सभी सात प्रांतों के करीब 300 संतों को भी आमंत्रित किया गया है, उनके बैठने की व्यवस्था अलग होगी। गर्मी के मौसम को देखते हुए हर एक ब्लॉक में पर्याप्त मात्रा में कूलर व पंखे लगाए जाएंगे। पेयजल की व्यवस्था होगी। मेहमानों के स्वागत के लिए संघ के करीब 300 स्वयं सेवकों को लगाया जाएगा।
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