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Ayodhya News: प्रदूषण और मौसम के एक-दूसरे पर प्रभाव का होगा अध्ययन

Fri, 29 Aug 2025 11:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Fri, 29 Aug 2025 11:04 PM IST
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The impact of pollution and weather on each other will be studied
अयोध्या। प्रदूषण और मौसम के एक-दूसरे पर प्रभाव का अब अयोध्या में अध्ययन किया जाएगा। राज्य विश्वविद्यालयों में यह अपने तरह की बड़ी पहल होगी। इसके लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय और आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय प्रदूषण और मौसम के डेटा का आदान-प्रदान करेंगे। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच इस संबंध में जल्द ही एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे। कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने इसे मंजूरी दे दी है।
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प्रदूषण और मौसम एक-दूसरे को कई तरह से प्रभावित करते हैं। मौसम, हवा की गति, तापमान, धूप और वर्षा जैसे कारकों के माध्यम से वायु प्रदूषण के निर्माण और फैलाव में खास भूमिका निभाता है। वायु प्रदूषण मौसम को भी बदल सकता है, जैसे कणों से बादलों का निर्माण, बारिश के पैटर्न में बदलाव और सूर्य के प्रकाश का अवरोध, जो पृथ्वी की सतह को ठंडा कर सकता है। यह जटिल क्रिया मानव स्वास्थ्य और पर्यावरणीय परिणामों को भी प्रभावित करती है।
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अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. विनोद चौधरी ने अमर उजाला को बताया कि वायु प्रदूषण पर मौसम का विशेष प्रभाव पड़ता है। कुछ प्रकार के प्रदूषण गर्मी में और कुछ ठंड के मौसम में ज्यादा गंभीर होते हैं। वहीं, वायुमंडलीय परिस्थितियां जो मौसम का निर्माण करती हैं, जैसे वायुदाब, तापमान और आर्द्रता, ये भी वायु की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। हवा लगभग हमेशा गतिशील रहती है। इसलिए वायु प्रदूषण एक से दूसरे क्षेत्र में आसानी से फैल जाता है। मौसम का विस्तृत डेटा मिलने से प्रदूषण पर शोध को नई दिशा मिल सकेगी।
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कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. सीताराम मिश्र ने बताया कि मौसम पर भी प्रदूषण का सीधा प्रभाव पड़ता है। जहां पर भी धुआं ज्यादा होता है, वहां हवा ड्राई हो जाती है और फिर बारिश कम होती है। प्रदूषण से पौधों की प्रकाश संश्लेषण क्रिया प्रभावित होती है। पानी और प्रकाश के साथ कार्बन डाई आक्साइड से पौधे अपने लिए भोजन तैयार करते हैं। पौधों की पत्तियों पर धूल जमती है तो इस पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। इस एमओयू के हो जाने के बाद सब्जी और फलों के साथ गन्ना और मक्का समेत अन्य फसलों पर प्रदूषण के प्रभाव का अध्ययन आसानी से हो सकेगा।


अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर से अंबेडकर नगर, गोंडा, बहराइच और श्रावस्ती में परिवेशीय वायु गुणवत्ता निगरानी परियोजना का पहला ट्राॅयल रन शनिवार को होगा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से प्रायोजित परियोजना के माध्यम से चारों जिलों में वायु प्रदूषण की स्थिति का निरंतर मूल्यांकन का काम दो सितंबर से शुरू हो जाएगा। इन सभी जिलों में वायु गुणवत्ता मापन यंत्रों को इंस्टाल करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
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