{"_id":"68c98630bbacaedbbf0e9dc8","slug":"the-holder-is-not-aware-that-rs-48000-were-withdrawn-from-his-account-ayodhya-news-c-97-1-ayo1005-135220-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: धारक को पता नहीं, खाते से निकल गए 48 हजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: धारक को पता नहीं, खाते से निकल गए 48 हजार
Tue, 16 Sep 2025 09:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 16 Sep 2025 09:15 PM IST
विज्ञापन
अयोध्या। साइबर ठगों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से 48,793 रुपये पार कर दिए। उन्हें खाते से रुपये निकलने का संदेश भी नहीं मिला। बैलेंस चेक कराने पर मामले की जानकारी हुई तो पीड़ित ने कोतवाली अयोध्या में केस दर्ज कराया है।
दर्ज एफआईआर में कोतवाली अयोध्या के कनीगंज निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है। कुछ दिन पहले ठगों ने उनके खाते से पांच बार में रुपये निकाल लिए। मोबाइल नंबर अपडेट होने के बावजूद उन्हें रुपये निकलने का संदेश नहीं मिला। कुछ दिन बाद उन्होंने अपने खाते का बैलेंस चेक कराया तो ठगी की जानकारी हुई है। इंस्पेक्टर मनोज शर्मा ने बताया कि केस दर्ज करके छानबीन की जा रही है। संबंधित बैंक से विवरण मांगा गया है। रुपये निकालने वाले का पता लगाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि साइबर ठग लोगों के मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजते हैं, जिसे गलती से भी क्लिक करने पर वह फोन हैक कर लेते हैं। इसके अलावा एपीके फाइल के जरिये फोन हैक कर लिया जाता है, जिससे ठगों को ओटीपी मांगने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस वजह से लोगों को खाते से रुपये निकलने की त्वरित जानकारी नहीं मिल पाती है। इसलिए किसी अनजान नंबर से आया लिंक और एपीके फाइल नजरअंदाज करने की जरूरत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दर्ज एफआईआर में कोतवाली अयोध्या के कनीगंज निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि उनका खाता बैंक ऑफ बड़ौदा में है। कुछ दिन पहले ठगों ने उनके खाते से पांच बार में रुपये निकाल लिए। मोबाइल नंबर अपडेट होने के बावजूद उन्हें रुपये निकलने का संदेश नहीं मिला। कुछ दिन बाद उन्होंने अपने खाते का बैलेंस चेक कराया तो ठगी की जानकारी हुई है। इंस्पेक्टर मनोज शर्मा ने बताया कि केस दर्ज करके छानबीन की जा रही है। संबंधित बैंक से विवरण मांगा गया है। रुपये निकालने वाले का पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि साइबर ठग लोगों के मोबाइल फोन पर एक लिंक भेजते हैं, जिसे गलती से भी क्लिक करने पर वह फोन हैक कर लेते हैं। इसके अलावा एपीके फाइल के जरिये फोन हैक कर लिया जाता है, जिससे ठगों को ओटीपी मांगने की जरूरत नहीं पड़ती है। इस वजह से लोगों को खाते से रुपये निकलने की त्वरित जानकारी नहीं मिल पाती है। इसलिए किसी अनजान नंबर से आया लिंक और एपीके फाइल नजरअंदाज करने की जरूरत है।
विज्ञापन