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Ayodhya News: 51 फीट हो सकती है शेषावतार मंदिर की ऊंचाई
Fri, 16 Aug 2024 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 16 Aug 2024 11:29 PM IST
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रामजन्मभूमि परिसर में जारी राममंदिर का निर्माण कार्य।
अयोध्या। राम मंदिर के रामलला के छोटे भाई लक्ष्मण के भी मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। रामजन्मभूमि परिसर में भगवान शेषावतार का भी मंदिर था जिसे राममंदिर ट्रस्ट ने ध्वस्त करा दिया था। अब इसका नए सिरे से निर्माण कराया जा रहा है। इस मंदिर की ऊंचाई 51 फीट हो सकती है। मंदिर की ऊंचाई व मजबूती को लेकर इंजीनियर मंथन करने में जुटे हुए हैं।
शेषावतार मंदिर में लक्ष्मण की संगमरमर की मूर्ति स्थापित की जाएगी। इसके फाउंडेशन का काम शुरू हो चुका है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में सबसे ऊंचे स्थान पर शेषावतार का मंदिर बनाया जा रहा है। मंदिर के भूमि पूजन के बाद निर्माण को लेकर नई डिजाइन तैयार की गई और अब उसी के अनुसार निर्माण कार्य हो रहा है। खास बात यह है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भ गृह के चबूतरे यानी आसन जिस पर रामलला विराजमान हैं उसी के बराबर शेषावतार मंदिर के गर्भगृह के चबूतरे की भी ऊंचाई होगी।
कार्यदायी संस्था के इंजीनियर का कहना है कि शेषावतार मंदिर की डिजाइन व ड्राइंग लगभग फाइनल हो चुकी है। नींव का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नींव पत्थरों से बनाई जाएगी। मंदिरों के चारों कोनों पर मिट्टी के टीले बनाए जाएंगे। हालांकि टीले बनाने पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। कहा कि राममंदिर की ऊंचाई बहुत अधिक है। रामलला के आसन के बराबर शेषावतार मंदिर की ऊंचाई करना चुनौती पूर्ण कार्य है। फिर भी इंजीनियर इसको लेकर मंथन करने में जुटे हैं। बताया गया कि दिसंबर तक शेषावतार मंदिर के जीर्णोद्धार का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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शेषावतार मंदिर में लक्ष्मण की संगमरमर की मूर्ति स्थापित की जाएगी। इसके फाउंडेशन का काम शुरू हो चुका है। श्रीराम जन्मभूमि परिसर में सबसे ऊंचे स्थान पर शेषावतार का मंदिर बनाया जा रहा है। मंदिर के भूमि पूजन के बाद निर्माण को लेकर नई डिजाइन तैयार की गई और अब उसी के अनुसार निर्माण कार्य हो रहा है। खास बात यह है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के गर्भ गृह के चबूतरे यानी आसन जिस पर रामलला विराजमान हैं उसी के बराबर शेषावतार मंदिर के गर्भगृह के चबूतरे की भी ऊंचाई होगी।
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कार्यदायी संस्था के इंजीनियर का कहना है कि शेषावतार मंदिर की डिजाइन व ड्राइंग लगभग फाइनल हो चुकी है। नींव का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। नींव पत्थरों से बनाई जाएगी। मंदिरों के चारों कोनों पर मिट्टी के टीले बनाए जाएंगे। हालांकि टीले बनाने पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। कहा कि राममंदिर की ऊंचाई बहुत अधिक है। रामलला के आसन के बराबर शेषावतार मंदिर की ऊंचाई करना चुनौती पूर्ण कार्य है। फिर भी इंजीनियर इसको लेकर मंथन करने में जुटे हैं। बताया गया कि दिसंबर तक शेषावतार मंदिर के जीर्णोद्धार का काम पूरा कर लिया जाएगा।
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