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Ayodhya News: करतलिया बाबा के तपस्वी जीवन व साधना को किया याद
Mon, 02 Feb 2026 09:12 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 02 Feb 2026 09:12 PM IST
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12- करतलिया आश्रम में करतलिया बाबा को पुण्यतिथि पर नमन करते संत-धर्माचार्य- संगठन
अयोध्या। सरयू तट स्थित करतलिया आश्रम के संस्थापक संत करतलिया बाबा की 40वीं पुण्यतिथि अनुष्ठानों के साथ सोमवार को मनाई गई। आश्रम के महंत बालयोगी रामदास के संयोजन में आयोजित रामचरित मानस पारायण का सोमवार की दोपहर समापन हुआ। इसके बाद श्रद्धांजलि समारोह में संत-धर्माचार्यों ने करतलिया बाबा को नमन किया। उनके तपस्वी जीवन और साधना का स्मरण किया।
संकट मोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि करतलिया बाबा ने अपने तप, त्याग और साधना से संत परंपरा को नई दिशा दी। उनका जीवन बताता है कि सच्ची भक्ति सेवा और समर्पण से ही पूर्ण होती है। महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि करतलिया बाबा केवल एक संत नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना के स्रोत थे। उनकी साधना आज भी समाज को सद्भाव और नैतिकता का मार्ग दिखा रही है। जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने कहा कि उन्होंने भक्ति के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया, जिसे आज अपनाने की सबसे अधिक आवश्यकता है। आश्रम के महंत बालयोगी रामदास ने कहा कि उनकी की ओर से स्थापित परंपराओं का सम्यक निर्वहन ही प्रतिबद्धता है। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महंत पहलवान राजेश दास, महंत बृजमोहन दास, पहलवान मनीराम दास, महंत आनंद दास, पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय, शिवम श्रीवास्तव सहित अन्य शामिल रहे।
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संकट मोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास ने कहा कि करतलिया बाबा ने अपने तप, त्याग और साधना से संत परंपरा को नई दिशा दी। उनका जीवन बताता है कि सच्ची भक्ति सेवा और समर्पण से ही पूर्ण होती है। महंत जन्मेजय शरण ने कहा कि करतलिया बाबा केवल एक संत नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना के स्रोत थे। उनकी साधना आज भी समाज को सद्भाव और नैतिकता का मार्ग दिखा रही है। जगद्गुरु परमहंसाचार्य ने कहा कि उन्होंने भक्ति के साथ-साथ सामाजिक समरसता का भी संदेश दिया, जिसे आज अपनाने की सबसे अधिक आवश्यकता है। आश्रम के महंत बालयोगी रामदास ने कहा कि उनकी की ओर से स्थापित परंपराओं का सम्यक निर्वहन ही प्रतिबद्धता है। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महंत पहलवान राजेश दास, महंत बृजमोहन दास, पहलवान मनीराम दास, महंत आनंद दास, पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय, शिवम श्रीवास्तव सहित अन्य शामिल रहे।
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