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Ayodhya News: स्कूलों में विद्यार्थी सीखेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
Sat, 16 May 2026 09:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 16 May 2026 09:31 PM IST
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अयोध्या। जिले के कक्षा 11 और 12 के लगभग दो लाख विद्यार्थियों को अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी आधुनिक तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा। समग्र शिक्षा अभियान के तहत 447 से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को इस ऑनलाइन अवेयरनेस प्रोग्राम से जोड़ा जाएगा। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और भविष्य की नई तकनीकों की बुनियादी जानकारी प्रदान करेगा।
ऑनलाइन प्रोग्राम महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर के माध्यम से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के जरिए संचालित किया जा रहा है। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को विद्यार्थियों की प्रतिदिन ऑनलाइन प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों को नियमित रूप से लॉगिन कर पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। तकनीकी या लॉगिन संबंधी समस्या होने पर विद्यार्थियों को सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। डीआईओएस डॉ. पवन तिवारी ने बताया कि आने वाले समय में एआई तकनीक शिक्षा, रोजगार और उद्योग जगत का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। ऐसे में स्कूली स्तर पर विद्यार्थियों को एआई की जानकारी देना उन्हें भविष्य की तकनीकी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।
एआई में रोजगार और भविष्य की बढ़ रही संभावनाएं
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और आईटी सहित अन्य सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा है। एआई तकनीक से डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। एआई छात्रों की तकनीकी समझ, समस्या समाधान क्षमता और डिजिटल कौशल को मजबूत करेगा। आने वाले वर्षों में एआई आधारित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ने की संभावना है।
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ऑनलाइन प्रोग्राम महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, गोरखपुर के माध्यम से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के जरिए संचालित किया जा रहा है। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को विद्यार्थियों की प्रतिदिन ऑनलाइन प्रगति की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों को नियमित रूप से लॉगिन कर पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। तकनीकी या लॉगिन संबंधी समस्या होने पर विद्यार्थियों को सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। डीआईओएस डॉ. पवन तिवारी ने बताया कि आने वाले समय में एआई तकनीक शिक्षा, रोजगार और उद्योग जगत का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। ऐसे में स्कूली स्तर पर विद्यार्थियों को एआई की जानकारी देना उन्हें भविष्य की तकनीकी प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।
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एआई में रोजगार और भविष्य की बढ़ रही संभावनाएं
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और आईटी सहित अन्य सेक्टर में तेजी से बढ़ रहा है। एआई तकनीक से डेटा विश्लेषण, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। एआई छात्रों की तकनीकी समझ, समस्या समाधान क्षमता और डिजिटल कौशल को मजबूत करेगा। आने वाले वर्षों में एआई आधारित नौकरियों की मांग तेजी से बढ़ने की संभावना है।
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