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Ayodhya News: नीट-यूजी निरस्त होने से विद्यार्थियों के टूटे सपने

Thu, 14 May 2026 09:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Thu, 14 May 2026 09:19 PM IST
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Students' Dreams Shattered by NEET-UG Cancellation
अयोध्या। नीट-यूजी निरस्त होने की सूचना ने लाखों अभ्यर्थियों के साथ जिले के छात्रों को भी गहरे मानसिक दबाव में डाल दिया है। तीन मई को आयोजित हुई परीक्षा को लेकर छात्रों ने महीनों तक कठिन परिश्रम किया था। परीक्षा के बाद अधिकतर छात्रों को बेहतर परिणाम की उम्मीद थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर ने उनकी मेहनत और सपनों पर अनिश्चितता का साया डाल दिया।
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जिले में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से 13 परीक्षा केंद्रों पर नीट-यूजी की परीक्षा आयोजित की गई थी। कुल 5177 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 5042 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे और 135 ने परीक्षा छोड़ दी थी। परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई थी। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र-छात्राएं अच्छे परिणाम की उम्मीद में थे, क्योंकि इस बार प्रश्नपत्र सरल आया था। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा के बाद अन्य कोर्सों और वैकल्पिक योजनाओं पर ध्यान देना शुरू कर दिया था, लेकिन अब उन्हें फिर से उसी तैयारी के दौर में लौटना पड़ेगा।
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आंसर-की से मिलान करने पर करीब 630 अंक बन रहे थे। परिवार को पूरा भरोसा था कि इस बार मेडिकल कॉलेज में चयन हो जाएगा। अब दोबारा परीक्षा में वही प्रदर्शन हो पाएगा या नहीं, यह चिंता लगातार परेशान कर रही है। - राज पाठक, देवकाली
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पिछले एक वर्ष से सिर्फ नीट की तैयारी में जुटा था। परीक्षा के बाद थोड़ा मानसिक आराम मिला था और दूसरी पढ़ाई पर ध्यान देना शुरू किया था। अब फिर से उसी तनाव और दिन-रात की तैयारी में लौटना पड़ेगा। सबसे ज्यादा डर अनिश्चितता का है। - अनंत सिंह, देवकाली






घर पर प्रश्नों का मिलान करने पर करीब 450 अंक आ रहे थे। पहली बार लगा था कि मेहनत रंग लाई है। लेकिन परीक्षा रद्द होने के बाद पढ़ाई से ज्यादा यह चिंता है कि दोबारा परीक्षा निष्पक्ष तरीके से हो भी पाएगी या नहीं। - अनन्या पाठक, सोहावल






छात्र पूरी ईमानदारी से मेहनत करते हैं, लेकिन हर बार सिस्टम की गड़बड़ी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ता है। सरकार को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें पेपर लीक की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाए। तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली अब समय की जरूरत है। - कौशलेंद्र सिंह, अयोध्या धाम








सीबीटी आधारित हो नीट की परीक्षा



छात्रों ने सुझाव दिया कि नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं को चरणबद्ध कंप्यूटर आधारित प्रणाली (सीबीटी) से कराया जाए। इसके साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन, लाइव सीसीटीवी निगरानी, एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्नपत्र और परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले पेपर डाउनलोड जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की जानी चाहिए।
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