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Ayodhya News: 18 से 171 तक पहुंचाई छात्र संख्या, अब पंकज को राज्य शिक्षक सम्मान
Mon, 31 Aug 2026 10:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 31 Aug 2026 10:53 PM IST
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प्राथमिक विद्यालय ठेउंगा में बच्चों को पढ़ाते पंकज द्विवेदी
अयोध्या। जहां कभी प्राथमिक विद्यालय ठेउंगा में महज 18 बच्चे पढ़ते थे, वहीं अब 171 विद्यार्थियों का नामांकन है। सोहावल के इस विद्यालय की तस्वीर बदलने में प्रधानाध्यापक पंकज कुमार द्विवेदी की अहम भूमिका रही है। विद्यालय में शैक्षिक माहौल सुधारने और बच्चों की संख्या बढ़ाने के प्रयासों के लिए उनका चयन राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025 के लिए हुआ है।
वर्ष 2014 में तत्कालीन बीएसए प्रदीप द्विवेदी ने पंकज कुमार द्विवेदी को विद्यालय को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी थी। 15 फरवरी 2014 को कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने अभिभावकों से संपर्क शुरू किया। घर-घर जाकर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षण के तौर-तरीकों में बदलाव कर बच्चों पर व्यक्तिगत ध्यान देना शुरू किया। लगातार प्रयासों का असर हुआ और विद्यालय में नामांकन बढ़ता गया।
पंकज के लिए शिक्षा के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा उन्हें अपने बाबा देवता प्रसाद द्विवेदी से मिली। मूल रूप से काशीनाथपुर निवासी पंकज ने एसएसवी इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। इसके बाद साकेत महाविद्यालय से स्नातक और परास्नातक तथा बीपीएड की पढ़ाई की। वर्ष 2009 में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए। वह अपनी कार्यशैली विकसित करने में गुरु डॉ. विवेक सिंह के मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।
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अपने खर्च से बनवाईं चार स्मार्ट कक्षाएं
विद्यालय में तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों के सहयोग से एक और अपने खर्च से चार स्मार्ट कक्षाएं तैयार कराई गईं। पहली स्मार्ट कक्षा वर्ष 2021 में कक्षा चार के लिए बनाई गई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने किया था। अब विद्यालय के विद्यार्थी स्मार्ट कक्षाओं के साथ ऑनलाइन शिक्षण का भी लाभ उठा रहे हैं।
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वर्ष 2014 में तत्कालीन बीएसए प्रदीप द्विवेदी ने पंकज कुमार द्विवेदी को विद्यालय को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी थी। 15 फरवरी 2014 को कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने अभिभावकों से संपर्क शुरू किया। घर-घर जाकर बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षण के तौर-तरीकों में बदलाव कर बच्चों पर व्यक्तिगत ध्यान देना शुरू किया। लगातार प्रयासों का असर हुआ और विद्यालय में नामांकन बढ़ता गया।
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पंकज के लिए शिक्षा के क्षेत्र में काम करने की प्रेरणा उन्हें अपने बाबा देवता प्रसाद द्विवेदी से मिली। मूल रूप से काशीनाथपुर निवासी पंकज ने एसएसवी इंटर कॉलेज से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। इसके बाद साकेत महाविद्यालय से स्नातक और परास्नातक तथा बीपीएड की पढ़ाई की। वर्ष 2009 में प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक के रूप में नियुक्त हुए। वह अपनी कार्यशैली विकसित करने में गुरु डॉ. विवेक सिंह के मार्गदर्शन को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।
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अपने खर्च से बनवाईं चार स्मार्ट कक्षाएं
विद्यालय में तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों के सहयोग से एक और अपने खर्च से चार स्मार्ट कक्षाएं तैयार कराई गईं। पहली स्मार्ट कक्षा वर्ष 2021 में कक्षा चार के लिए बनाई गई थी। इसका उद्घाटन तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने किया था। अब विद्यालय के विद्यार्थी स्मार्ट कक्षाओं के साथ ऑनलाइन शिक्षण का भी लाभ उठा रहे हैं।

प्राथमिक विद्यालय ठेउंगा में बच्चों को पढ़ाते पंकज द्विवेदी