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Ayodhya News: राम मंदिर में सिफारिश पर नियुक्त कर्मी हटेंगे
Sun, 28 Jun 2026 10:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 28 Jun 2026 10:53 PM IST
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नितिन मिश्र
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा और दान से जुड़े विवादों के बाद अब केवल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की ही नहीं, बल्कि पूरे मंदिर के प्रशासनिक और संचालन तंत्र में व्यापक बदलाव की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की सिफारिश पर नियुक्त किए गए कर्मचारियों की विस्तृत स्क्रीनिंग कराई जाएगी। जिन कर्मियों की कार्यशैली या नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठेंगे, उन्हें हटाया जा सकता है।
इसके बाद आवश्यकता के अनुसार नए और अनुभवी कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। मंदिर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नियुक्तियां हुईं, लेकिन कई मामलों में व्यवस्थित स्क्रीनिंग और योग्यता परीक्षण नहीं किए गए। यही कारण रहा कि दान और चढ़ावे से जुड़े विवाद सामने आने पर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे और उसकी व्यापक आलोचना हुई। अब नई व्यवस्था में नियुक्तियों को पूरी तरह मेरिट, अनुभव और सत्यापन के आधार पर किए जाने की तैयारी है। प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य केवल कर्मचारियों में बदलाव करना नहीं, बल्कि मंदिर की पूरी व्यवस्था को फूलप्रूफ बनाना है। वीआईपी दर्शन पास जारी करने की नई नीति बनेगी : ट्रस्ट में बदलाव का असर राम मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर भी दिखाई देगा। अभी तक वीआईपी दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। उनके पद छोड़ने के बाद वीआईपी दर्शन की व्यवस्था नए सिरे से तैयार किए जाने की संभावना है।(संवाद)
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अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा और दान से जुड़े विवादों के बाद अब केवल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की ही नहीं, बल्कि पूरे मंदिर के प्रशासनिक और संचालन तंत्र में व्यापक बदलाव की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की सिफारिश पर नियुक्त किए गए कर्मचारियों की विस्तृत स्क्रीनिंग कराई जाएगी। जिन कर्मियों की कार्यशैली या नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठेंगे, उन्हें हटाया जा सकता है।
इसके बाद आवश्यकता के अनुसार नए और अनुभवी कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। मंदिर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नियुक्तियां हुईं, लेकिन कई मामलों में व्यवस्थित स्क्रीनिंग और योग्यता परीक्षण नहीं किए गए। यही कारण रहा कि दान और चढ़ावे से जुड़े विवाद सामने आने पर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे और उसकी व्यापक आलोचना हुई। अब नई व्यवस्था में नियुक्तियों को पूरी तरह मेरिट, अनुभव और सत्यापन के आधार पर किए जाने की तैयारी है। प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य केवल कर्मचारियों में बदलाव करना नहीं, बल्कि मंदिर की पूरी व्यवस्था को फूलप्रूफ बनाना है। वीआईपी दर्शन पास जारी करने की नई नीति बनेगी : ट्रस्ट में बदलाव का असर राम मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर भी दिखाई देगा। अभी तक वीआईपी दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। उनके पद छोड़ने के बाद वीआईपी दर्शन की व्यवस्था नए सिरे से तैयार किए जाने की संभावना है।(संवाद)
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