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शोध के क्षेत्र में सिमुलेशन के टूल्स व्यावहारिक : देवेंद्र
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अयोध्या। अवध विश्वविद्यालय के भौतिकी व इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग में सिमुलेशन टूल्स एंड टेक्निक्स विषय पर चल रही कार्यशाला के अंतिम दिन की शुरुआत संयोजक प्रो. गंगाराम मिश्र के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने तकनीकी सत्र की रूपरेखा प्रस्तुत की। आईआईटी, कानपुर के नेशनल सेंटर फॉर फ्लेक्सिबल इलेक्ट्राॅनिक्स के प्राचार्य देवेंद्र मौर्य ने लैब ऑन चिप प्लेटफॉर्म फॉर सर्कुलेटिंग ट्यूमर सेल्स आइसोलेशन विषय पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने शोध में सिमुलेशन व सभी विषयों के परस्पर संबंध को समझाया। किसी उपकरण को बनाने में विज्ञान और इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों के जानकारों के परस्पर सहयोग के बारे में बताया। सिमुलेशन तकनीक से लक्ष्य की प्राप्ति में होने वाली सुगमता को विभिन्न उदाहरणों से समझाया। छात्र-छात्राओं को विभिन्न समस्याओं पर शोध के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सेंसर के लिए ई-नोज व ई-टंग की परिकल्पना को वर्णित किया।
दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के प्रो. एसएन तिवारी ने लिक्विड क्रिस्टल तकनीक पर व्याख्यान देते हुए इस क्षेत्र में अनुसंधान के लिए उपयोग में लाए जा रहे सिमुलेशन सॉफ्टवेयरों के बारे में तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने शोध में सिमुलेशन के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि किस तरह से इसके उपयोग से समय व पैसे की बचत की जा सकती है।
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समापन समारोह के मुख्य अतिथि भौतिकी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. आरके तिवारी ने इन कार्यशालाओं की विद्यार्थी जीवन में महत्व के बारे में चर्चा की। अध्यक्षता प्रो. केके वर्मा ने की। उन्होंने तकनीकी सत्रों के विषय में प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए उनके महत्व के बारे में बताया। छात्र-छात्राओं ने अपने फीडबैक व अनुभव साझा किए। मुख्य अतिथि ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया। इस दौरान डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सिंधू सिंह सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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उन्होंने शोध में सिमुलेशन व सभी विषयों के परस्पर संबंध को समझाया। किसी उपकरण को बनाने में विज्ञान और इंजीनियरिंग के विभिन्न विषयों के जानकारों के परस्पर सहयोग के बारे में बताया। सिमुलेशन तकनीक से लक्ष्य की प्राप्ति में होने वाली सुगमता को विभिन्न उदाहरणों से समझाया। छात्र-छात्राओं को विभिन्न समस्याओं पर शोध के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सेंसर के लिए ई-नोज व ई-टंग की परिकल्पना को वर्णित किया।
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दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के प्रो. एसएन तिवारी ने लिक्विड क्रिस्टल तकनीक पर व्याख्यान देते हुए इस क्षेत्र में अनुसंधान के लिए उपयोग में लाए जा रहे सिमुलेशन सॉफ्टवेयरों के बारे में तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने शोध में सिमुलेशन के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि किस तरह से इसके उपयोग से समय व पैसे की बचत की जा सकती है।
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समापन समारोह के मुख्य अतिथि भौतिकी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. आरके तिवारी ने इन कार्यशालाओं की विद्यार्थी जीवन में महत्व के बारे में चर्चा की। अध्यक्षता प्रो. केके वर्मा ने की। उन्होंने तकनीकी सत्रों के विषय में प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए उनके महत्व के बारे में बताया। छात्र-छात्राओं ने अपने फीडबैक व अनुभव साझा किए। मुख्य अतिथि ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया। इस दौरान डॉ. अनिल कुमार, डॉ. सिंधू सिंह सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।