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Ayodhya News: 80 सीढ़ियाें के पार होगा श्रीराम यंत्र, श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे दर्शन
Mon, 16 Mar 2026 08:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 16 Mar 2026 08:50 PM IST
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राम मंदिर में स्थापित होने वाले श्रीराम यंत्र की तस्वीर।
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नितिन मिश्र
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों चैत्र प्रतिपदा यानी 19 मार्च को स्थापित किए जाने वाले श्रीराम यंत्र के दर्शन आम श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे। मंदिर के दूसरे तल पर इसे स्थापित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं के प्रवेश पर फिलहाल रोक रहेगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अमर उजाला से बात करते हुए जानकारी दी कि दूसरे तल तक पहुंचने के लिए करीब 80 सीढ़ियां चढ़नी पड़ेंगी। ऐसे में बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए वहां पहुंचना कठिन होगा।
इसी कारण सामान्य श्रद्धालुओं के लिए दूसरे तल पर जाने की व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि श्रीराम यंत्र धातु की आयताकार प्लेट है, जिसकी चौड़ाई लगभग तीन फीट और लंबाई चार फीट है। यह स्वर्णमंडित है। इस पर भगवान श्रीराम सहित विभिन्न देवी-देवताओं से जुड़े मंत्र अंकित किए गए हैं। प्रत्येक देवता का एक-एक बीज मंत्र भी यंत्र पर अंकित है। चंपत राय के अनुसार, जिस प्रकार किसी बालक के जन्म के बाद उसकी जन्मकुंडली बनाई जाती है, जिसमें ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का त्रिकोणीय रेखाचित्र होता है, उसी प्रकार यह यंत्र भी वैदिक गणना और आध्यात्मिक महत्व से जुड़ा हुआ है।
चंपत राय ने बताया कि श्रीराम यंत्र का पूजन-अर्चन भी रामलला और राम परिवार की तरह प्रतिदिन किया जाएगा। इसके लिए मंदिर के पुजारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा पर आयोजित होने वाला समारोह ऐतिहासिक होगा। मेहमानों के अयोध्या पहुंचने से लेकर उनकी वापसी तक की जिम्मेदारी संभालने के लिए संघ व विहिप कार्यकर्ताओं की टीम लगाई जाएगी। विहिप कार्यकर्ता मेहमानों को रिसीव करने से लेकर, उनके रुकने के स्थान तक पहुंचाने, भोजन, फिर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने तक की जिम्मेदारी निभाएंगे। अयोध्या से अतिथि देवो भव: का संदेश दिया जाएगा।
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इनसेट
19 से राम मंदिर में शुरू होगी शक्ति उपासना
चंपत राय ने बताया कि 19 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इस दौरान राम मंदिर में नौ दिनों तक शक्ति उपासना का विशेष अनुष्ठान किया जाएगा। परकोटा के दुर्गा मंदिर में विशेष अनुष्ठान होगा। रामलला के गर्भगृह में कलश स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि रामनवमी के अवसर पर रामलला का सूर्य तिलक दोपहर 12 बजे किया जाएगा। इसके लिए आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों की टीम अयोध्या आएगी। सूर्य तिलक से पहले 24 मार्च को ट्रायल होगा। सूर्य तिलक के दौरान चार मिनट तक 75 मिमी का गोलाकार प्रकाश तिलक रामलला के मस्तक को आलोकित करेगा।
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अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों चैत्र प्रतिपदा यानी 19 मार्च को स्थापित किए जाने वाले श्रीराम यंत्र के दर्शन आम श्रद्धालु नहीं कर सकेंगे। मंदिर के दूसरे तल पर इसे स्थापित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं के प्रवेश पर फिलहाल रोक रहेगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अमर उजाला से बात करते हुए जानकारी दी कि दूसरे तल तक पहुंचने के लिए करीब 80 सीढ़ियां चढ़नी पड़ेंगी। ऐसे में बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए वहां पहुंचना कठिन होगा।
इसी कारण सामान्य श्रद्धालुओं के लिए दूसरे तल पर जाने की व्यवस्था नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि श्रीराम यंत्र धातु की आयताकार प्लेट है, जिसकी चौड़ाई लगभग तीन फीट और लंबाई चार फीट है। यह स्वर्णमंडित है। इस पर भगवान श्रीराम सहित विभिन्न देवी-देवताओं से जुड़े मंत्र अंकित किए गए हैं। प्रत्येक देवता का एक-एक बीज मंत्र भी यंत्र पर अंकित है। चंपत राय के अनुसार, जिस प्रकार किसी बालक के जन्म के बाद उसकी जन्मकुंडली बनाई जाती है, जिसमें ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का त्रिकोणीय रेखाचित्र होता है, उसी प्रकार यह यंत्र भी वैदिक गणना और आध्यात्मिक महत्व से जुड़ा हुआ है।
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चंपत राय ने बताया कि श्रीराम यंत्र का पूजन-अर्चन भी रामलला और राम परिवार की तरह प्रतिदिन किया जाएगा। इसके लिए मंदिर के पुजारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि चैत्र प्रतिपदा पर आयोजित होने वाला समारोह ऐतिहासिक होगा। मेहमानों के अयोध्या पहुंचने से लेकर उनकी वापसी तक की जिम्मेदारी संभालने के लिए संघ व विहिप कार्यकर्ताओं की टीम लगाई जाएगी। विहिप कार्यकर्ता मेहमानों को रिसीव करने से लेकर, उनके रुकने के स्थान तक पहुंचाने, भोजन, फिर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने तक की जिम्मेदारी निभाएंगे। अयोध्या से अतिथि देवो भव: का संदेश दिया जाएगा।
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19 से राम मंदिर में शुरू होगी शक्ति उपासना
चंपत राय ने बताया कि 19 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो रही है। इस दौरान राम मंदिर में नौ दिनों तक शक्ति उपासना का विशेष अनुष्ठान किया जाएगा। परकोटा के दुर्गा मंदिर में विशेष अनुष्ठान होगा। रामलला के गर्भगृह में कलश स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि रामनवमी के अवसर पर रामलला का सूर्य तिलक दोपहर 12 बजे किया जाएगा। इसके लिए आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों की टीम अयोध्या आएगी। सूर्य तिलक से पहले 24 मार्च को ट्रायल होगा। सूर्य तिलक के दौरान चार मिनट तक 75 मिमी का गोलाकार प्रकाश तिलक रामलला के मस्तक को आलोकित करेगा।