फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ayodhya News ›   Ram Mandir: Major revelation in SIT report; five lapses related to arrangements brought to light; shocking evi

राम मंदिर: SIT रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, व्यवस्थाओं से जुड़ी पांच खामियों से उठा पर्दा; मिले चौंकाने वाले सुबूत

Tue, 23 Jun 2026 06:39 PM IST
Akash Dwivedi अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या Published by: Akash Dwivedi Updated Tue, 23 Jun 2026 06:39 PM IST
सार

मंदिर की व्यवस्थाओं की जांच में दानराशि सुरक्षा, आभूषणों के रिकॉर्ड, नियुक्तियों, खरीद प्रक्रिया और प्रसाद वितरण से जुड़ी कई खामियां सामने आई हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत बताई गई है। शासन स्तर पर रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है और आगे की कार्रवाई पर विचार जारी है।

विज्ञापन
Ram Mandir: Major revelation in SIT report; five lapses related to arrangements brought to light; shocking evi
राम मंदिर चढ़ावा चोरी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

राम मंदिर की व्यवस्थाओं और दानराशि प्रबंधन की जांच कर रही एसआईटी ने मंगलवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जांच में राम मंदिर की व्यवस्थाओं से जुड़ी पांच बड़ी खामियां मिली हैं। 

विज्ञापन

जांच के दौरान मंदिर की प्रशासनिक, वित्तीय और संचालन व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट में दानराशि की सुरक्षा से लेकर नियुक्तियों, खरीद प्रक्रिया और प्रसाद वितरण व्यवस्था तक कई बिंदुओं पर सवाल उठाए गए हैं।
विज्ञापन


जांच में पाया गया कि श्रद्धालुओं के चढ़ावे को मंदिर परिसर से बैंक तक पहुंचाने तथा गणना कक्ष में उसकी गिनती की प्रक्रिया में पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था नहीं थी। यही कारण है कि दानराशि प्रबंधन को लेकर कई स्तरों पर सुधार की आवश्यकता महसूस की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


 

व्यवस्था मानक के अनुरूप नहीं मिली

एसआईटी ने यह भी पाया कि श्रद्धालुओं की ओर से भेंट किए गए सोने और चांदी के आभूषणों का समुचित अभिलेखीकरण नहीं किया जा रहा था। ऐसे कई मामलों का उल्लेख किया गया है, जहां मूल्यवान धातुओं के संग्रहण और रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था मानक के अनुरूप नहीं मिली।

रिपोर्ट में मंदिर की विभिन्न नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच में सामने आया कि कई पदों पर नियुक्तियां निर्धारित प्रक्रिया और योग्यता मानकों के बजाय सिफारिशों के आधार पर की गईं। इससे प्रशासनिक दक्षता और जवाबदेही प्रभावित होने की बात कही गई है। 

 

इस आधार पर कार्रवाई तय

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने इन सभी बिंदुओं पर सुधारात्मक कदम उठाने, जवाबदेही तय करने और वित्तीय व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की सिफारिश की है। शासन स्तर पर रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

प्रसाद वितरण में भी मिली खामियां

सामग्री खरीद की प्रक्रिया को लेकर भी एसआईटी ने आपत्तियां दर्ज की हैं। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कई मामलों में टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं थी। कुछ खरीद मामलों में कमीशनखोरी और निर्धारित प्रक्रिया के पालन न होने के संकेत भी मिले हैं। 

इसके अलावा प्रसाद वितरण और सीता रसोई के संचालन में भी कई खामियां सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि खाद्य सामग्री और अन्य सामानों की खरीद कई बार बाजार दर से काफी अधिक कीमत पर की गई। इससे वित्तीय अनुशासन और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े हुए हैं।

एसआईटी ने की अग्निकांड स्थल की पड़ताल, घायलों से भी मिला जांच दल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देश पर अलीगंज अग्निकांड की समग्र जांच तेज गति से जारी है। मंगलवार को दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) घटनास्थल पर पहुंचा। टीम ने इसके बाद केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की और उनसे घटना के संबंध में जानकारी ली। उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने भी घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं।

एसआईटी के सदस्य अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। यहां उन्होंने करीब एक घंटे से अधिक समय तक बारीकी से पूरी बिल्डिंग का निरीक्षण किया। अमृत अभिजात ने कहा कि घटनास्थल की विभिन्न प्रकार से फोटो ली गई हैं। साक्ष्य जुटाकर जांच को तेजी से अंजाम दिया जा रहा है। अग्निकांड से संबंधित व्यक्तियों व विभागों से भी पूछताछ होगी। उसके बाद जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा।

एडीजी प्रवीण कुमार ने बताया कि हम लोगों ने घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण किया है। साथ में फॉरेंसिक की टीम ने सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनके आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ की जाएगी। घटना से संबंधित हर विभाग के दायित्व को जांच दायरे में शामिल किया गया है। अग्निकांड पीड़ितों से भी जानकारी ली जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। घटनास्थल से निकलने के बाद एसआईटी ने केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की।

 

एफएसएल ने जुटाए घटनास्थल से नमूने

घटनास्थल पर एफएसएल डायरेक्टर आदर्श कुमार और विशेषज्ञों की टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। इसमें मलबा, जले हुए उपकरण और तार समेत अन्य नमूने शामिल हैं। गौरतलब है कि हादसे की सूचना मिलते ही सीएम योगी ने अलीगढ़ दौरा बीच में रद्द कर घटनास्थल का मुआयना किया था। 

उन्होंने केजीएमयू में पीड़ितों से भी मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया। एसआईटी को 7 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपनी है। अब तक मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed