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Ayodhya News: राम दरबार की आरती करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
Mon, 10 Nov 2025 08:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 10 Nov 2025 08:03 PM IST
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04- राम मंदिर के शिखर को स्पर्श करती सूर्य की किरणें- ट्रस्ट
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अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति की बैठक में ध्वजारोहण समारोह की रूपरेखा व ध्वज की डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी 25 नवंबर को तीन घंटे अयोध्या में रहेंगे। वह रामलला समेत राम दरबार के दर्शन कर आरती उतारेंगे। अभिजीत मुहूर्त में दोपहर 12 से 12:30 के बीच 191 फीट ऊंचे शिखर पर पीएम मोदी ध्वजारोहण करेंगे।
राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सोमवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई है। ध्वज के प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। ध्वज नायलॉन पैराशूट कपड़े से तैयार किए जाएंगे, जिन पर केसरिया रंग की पृष्ठभूमि में ‘ॐ’ का प्रतीक अंकित रहेगा। यह कार्यक्रम लगभग तीन घंटे का होगा, जिसका शुभ मुहूर्त दोपहर 12 से 12:30 बजे के बीच निर्धारित है। श्रद्धालुओं का आगमन केवल आमंत्रण के आधार पर होगा, जबकि आम जनता के लिए दर्शन अगले दिन से शुरू होंगे।बताया कि इस कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब मंदिर परिसर में सुंदरीकरण, पौधरोपण और आर्किटेक्चरल कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि पूरा क्षेत्र आध्यात्मिकता और भव्यता का संगम बने। बताया कि ध्वजारोहण के लिए रक्षा मंत्रालय के विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है ताकि किसी भी तकनीकी बाधा से बचा जा सके। विशेषज्ञ जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर से शिखर तक जानकर तकनीकी जांच कर सकते हैं। नरेंद्र मोदी जन्मभूमि परिसर के आठों मंदिरों के शिखर पर स्वचालित तरीके से ध्वज फहराएंगे।
संग्रहालय के सुंदरीकरण से जुड़ी ‘प्रवर्तन’
नृपेंद्र ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के निर्माण और तकनीकी विकास का जिम्मा आईआईटी चेन्नई की सहयोगी संस्था ‘प्रवर्तन’ को दिया गया है। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत वाले इस एग्रीमेंट की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। निर्माण से लेकर गैलरियों के डिस्प्ले की पूरी जिम्मेदारी प्रवर्तन संस्था की रहेगी। रामकथा संग्रहालय में 20 गैलरियों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें राम व रामकथा से संबंधित सामग्री संरक्षित की जाएगी।
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राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने सोमवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित कार्यक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई है। ध्वज के प्रारूप को अंतिम रूप दे दिया गया है। ध्वज नायलॉन पैराशूट कपड़े से तैयार किए जाएंगे, जिन पर केसरिया रंग की पृष्ठभूमि में ‘ॐ’ का प्रतीक अंकित रहेगा। यह कार्यक्रम लगभग तीन घंटे का होगा, जिसका शुभ मुहूर्त दोपहर 12 से 12:30 बजे के बीच निर्धारित है। श्रद्धालुओं का आगमन केवल आमंत्रण के आधार पर होगा, जबकि आम जनता के लिए दर्शन अगले दिन से शुरू होंगे।बताया कि इस कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब मंदिर परिसर में सुंदरीकरण, पौधरोपण और आर्किटेक्चरल कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि पूरा क्षेत्र आध्यात्मिकता और भव्यता का संगम बने। बताया कि ध्वजारोहण के लिए रक्षा मंत्रालय के विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है ताकि किसी भी तकनीकी बाधा से बचा जा सके। विशेषज्ञ जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर से शिखर तक जानकर तकनीकी जांच कर सकते हैं। नरेंद्र मोदी जन्मभूमि परिसर के आठों मंदिरों के शिखर पर स्वचालित तरीके से ध्वज फहराएंगे।
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संग्रहालय के सुंदरीकरण से जुड़ी ‘प्रवर्तन’
नृपेंद्र ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय के निर्माण और तकनीकी विकास का जिम्मा आईआईटी चेन्नई की सहयोगी संस्था ‘प्रवर्तन’ को दिया गया है। लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत वाले इस एग्रीमेंट की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। निर्माण से लेकर गैलरियों के डिस्प्ले की पूरी जिम्मेदारी प्रवर्तन संस्था की रहेगी। रामकथा संग्रहालय में 20 गैलरियों का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें राम व रामकथा से संबंधित सामग्री संरक्षित की जाएगी।
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