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Ayodhya News: प्रधान जी बन गए गिट्टी-मौरंग के सप्लायर
Tue, 06 May 2025 10:02 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 06 May 2025 10:02 PM IST
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तारुन। क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतें भ्रष्टाचार के दलदल में धंसती जा रही हैं। बल्ली कृपालपुर और जयसिंहमऊ के ग्राम प्रधान अपने नाम से फ़र्म बनाकर एक-दूसरे गांवों में सामान की सप्लाई कर रहे हैं। मैटेरियल सप्लाई के नाम पर लाखों का खेल हो रहा है। ई ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड बिलों की पड़ताल में कई फर्म ऐसी मिलीं, जिनका कोई वास्तविक पता नहीं है।
शिकायतकर्ता सुधीर तिवारी ने बताया की जिन सप्लायरों के नाम पर पंचायतों में बिल लगाए गए हैं, उनकी न कोई दुकान दिखती है न गोदाम। इन सप्लायरों का अस्तित्व सिर्फ कागजों तक सीमित है। बिना भौतिक सत्यापन के बिलों को पास कर दिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह सब मिलीभगत से संभव
खंड विकास अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप है कि जयसिंहमऊ के ग्राम प्रधान संदीप कुमार की फर्म शुभी इंटरप्राइजेज से बल्लीपुर व कुछ अन्य ग्रामसभाओं में सामानों की आपूर्ति की जा रही है। जबकि बल्लीपुर के ग्राम प्रधान राम बुझारत की कंपनी आरके इंटरप्राइजेज रजिस्टर्ड है। दोनों गांवों के प्रधान एक-दूसरे के सामानों की आपूर्ति कर रहे हैं। शुभी इंटरप्राइजेज प्रधान का चुनाव जीतने के दो साल बाद 2023 में बनी है।
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आंकड़ों के अनुसार आरके इंटरप्राइजेज के बिल संख्या 25 पर 49,260 रुपये की पाइप की सप्लाई की गई है। बिल संख्या 32 से 1,76,844 रुपये के सामान भेजे गए हैं, जिस पर दिनांक नहीं डाला गया है।
शासन के निर्देश के अनुसार यदि कोई पदाधिकारी या कर्मचारी स्वयं सामग्री सप्लायर बनता है तो उस सप्लाई को अमान्य मानते हुए भुगतान रोका जाना चाहिए। 25 अप्रैल 2025 को विशेष सचिव की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि मनरेगा के क्रियान्वयन से जुड़े पदाधिकारी/कर्मी वेंडर के रूप में सामग्री आपूर्ति का प्रकरण संज्ञान में आता है तो ऐसी आपूर्ति को शून्य करार देते हुए किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। विकास खंड स्तर पर इसका उत्तरदायित्व संबंधित कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी आदि का होगा। खंड विकास अधिकारी आनंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मनरेगा योजना में गाइड लाइन के अनुसार कोई भी इस तरह का कार्य नहीं कर सकता है। मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।
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शिकायतकर्ता सुधीर तिवारी ने बताया की जिन सप्लायरों के नाम पर पंचायतों में बिल लगाए गए हैं, उनकी न कोई दुकान दिखती है न गोदाम। इन सप्लायरों का अस्तित्व सिर्फ कागजों तक सीमित है। बिना भौतिक सत्यापन के बिलों को पास कर दिया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह सब मिलीभगत से संभव
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खंड विकास अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में आरोप है कि जयसिंहमऊ के ग्राम प्रधान संदीप कुमार की फर्म शुभी इंटरप्राइजेज से बल्लीपुर व कुछ अन्य ग्रामसभाओं में सामानों की आपूर्ति की जा रही है। जबकि बल्लीपुर के ग्राम प्रधान राम बुझारत की कंपनी आरके इंटरप्राइजेज रजिस्टर्ड है। दोनों गांवों के प्रधान एक-दूसरे के सामानों की आपूर्ति कर रहे हैं। शुभी इंटरप्राइजेज प्रधान का चुनाव जीतने के दो साल बाद 2023 में बनी है।
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आंकड़ों के अनुसार आरके इंटरप्राइजेज के बिल संख्या 25 पर 49,260 रुपये की पाइप की सप्लाई की गई है। बिल संख्या 32 से 1,76,844 रुपये के सामान भेजे गए हैं, जिस पर दिनांक नहीं डाला गया है।
शासन के निर्देश के अनुसार यदि कोई पदाधिकारी या कर्मचारी स्वयं सामग्री सप्लायर बनता है तो उस सप्लाई को अमान्य मानते हुए भुगतान रोका जाना चाहिए। 25 अप्रैल 2025 को विशेष सचिव की तरफ से जारी पत्र में कहा गया है कि मनरेगा के क्रियान्वयन से जुड़े पदाधिकारी/कर्मी वेंडर के रूप में सामग्री आपूर्ति का प्रकरण संज्ञान में आता है तो ऐसी आपूर्ति को शून्य करार देते हुए किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। विकास खंड स्तर पर इसका उत्तरदायित्व संबंधित कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी आदि का होगा। खंड विकास अधिकारी आनंद कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मनरेगा योजना में गाइड लाइन के अनुसार कोई भी इस तरह का कार्य नहीं कर सकता है। मामले की जांच करवाकर कार्रवाई की जाएगी।