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Ayodhya News: नजूल की जमीन बेच डाली, विभाग ने रुकवाया निर्माण कार्य
Sat, 02 May 2026 09:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 02 May 2026 09:07 PM IST
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नजूल की भूमि को लेकर पुलिस से वार्ता करते पीड़ित।
अयोध्या। रामनगरी में नजूल (सरकारी) जमीन की अवैध बिक्री का एक बड़ा मामला सामने आया है। कथित प्रॉपर्टी डीलर ने करीब 20 परिवारों से लगभग दो करोड़ रुपये ठग लिए और भाग निकला। उसने जमीन को अपने पूर्वजों की बताकर वैध दस्तावेज होने का दावा किया था।
पीड़ितों ने बताया कि झांसे में आकर जमीन खरीदने के लिए 10-10 लाख रुपये दे दिए। उन्होंने मकान निर्माण में भी लाखों रुपये खर्च कर दिए। निर्माण कार्य शुरू होते ही पुलिस के साथ नजूल विभाग की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गई। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। कई पीड़ित रोते-बिलखते बुलडोजर के सामने लेट गए। बाद में इन्हें पुलिस की मदद से हटाया गया। प्रशासन ने फिलहाल निर्माण कार्य रुकवा दिया है। यह घटना थाना कैंट क्षेत्र के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित पराग डेयरी के पीछे हुई। एसडीएम वित्त एवं राजस्व ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी पीड़ितों से दस्तावेज मांगे हैं और जांच के लिए 15 दिन का समय दिया है। नजूल विभाग की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक जारी रहेगी। पुलिस प्रॉपर्टी डीलर की तलाश कर रही है।
जमीन के लिए लगा दी गाढ़ी कमाई
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई लगा दी है। अब पता चल रहा है कि यह जमीन सरकारी है जबकि प्रॉपर्टी डीलर ताज मोहम्मद ने दावा किया था कि यह उसकी पुश्तैनी जमीन है। उसने यह भी दावा किया था कि लोग मकान बनवाएं, यदि किसी प्रकार की दिक्कत आएगी तो वह समझ लेगा। उनका कहना है कि जमीन बेचते समय कागज दिखाए गए थे। यह दावा किया गया था कि उसकी जमीन है और इसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोगों ने 500 वर्गफुट जमीन ली है। सभी अयोध्या के ही रहने वाले हैं। उनका कहना है कि जमीन के लिए उन्होंने पैसे दिए हैं तो उन्हें मकान बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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पीड़ितों ने बताया कि झांसे में आकर जमीन खरीदने के लिए 10-10 लाख रुपये दे दिए। उन्होंने मकान निर्माण में भी लाखों रुपये खर्च कर दिए। निर्माण कार्य शुरू होते ही पुलिस के साथ नजूल विभाग की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गई। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। कई पीड़ित रोते-बिलखते बुलडोजर के सामने लेट गए। बाद में इन्हें पुलिस की मदद से हटाया गया। प्रशासन ने फिलहाल निर्माण कार्य रुकवा दिया है। यह घटना थाना कैंट क्षेत्र के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित पराग डेयरी के पीछे हुई। एसडीएम वित्त एवं राजस्व ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने सभी पीड़ितों से दस्तावेज मांगे हैं और जांच के लिए 15 दिन का समय दिया है। नजूल विभाग की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर रोक जारी रहेगी। पुलिस प्रॉपर्टी डीलर की तलाश कर रही है।
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जमीन के लिए लगा दी गाढ़ी कमाई
पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई लगा दी है। अब पता चल रहा है कि यह जमीन सरकारी है जबकि प्रॉपर्टी डीलर ताज मोहम्मद ने दावा किया था कि यह उसकी पुश्तैनी जमीन है। उसने यह भी दावा किया था कि लोग मकान बनवाएं, यदि किसी प्रकार की दिक्कत आएगी तो वह समझ लेगा। उनका कहना है कि जमीन बेचते समय कागज दिखाए गए थे। यह दावा किया गया था कि उसकी जमीन है और इसमें किसी प्रकार का विवाद नहीं है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोगों ने 500 वर्गफुट जमीन ली है। सभी अयोध्या के ही रहने वाले हैं। उनका कहना है कि जमीन के लिए उन्होंने पैसे दिए हैं तो उन्हें मकान बनाने की अनुमति दी जानी चाहिए। प्रशासन को दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
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