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डिजिटल युग में भी किताबों की महत्ता बरकरार : चंपत
Sun, 12 Oct 2025 08:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 12 Oct 2025 08:30 PM IST
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36- पुस्तक मेला के उद्धाटन अवसर पर मौजूद अतिथि व अन्य- संवाद
अयोध्या। नारायण दास खत्री मेमोरियल ट्रस्ट की ओर से आयोजित 16वें फैजाबाद पुस्तक मेले का उद्घाटन रविवार को शहर के एक होटल में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सब कुछ माेबाइल नाम की एक छोटी सी किताब में रहता है। मेरा मानना है कि यह अल्प आयु है, शाश्वत नहीं। डिजिटल युग में भी किताबों की महत्ता बरकरार है।
उन्होंने कहा कि राम का जीवन कौन जानता अगर वाल्मीकि उसे लिखते नहीं। मुझे इस समय पढ़ने का समय कम मिलता है, लेकिन आपातकाल के दौरान बहुत सी किताबों को पढा। महाभारत, पतंजलि का योग शास्त्र, कई लोगों की जीवनी पढ़ी। कहा अगर यह सब लिखा न गया होता तो इन सबको कौन जानता। उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के युग में ऐसे आयोजन समाज को ज्ञान और संस्कृति से जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों में भी इस तरह के पुस्तक मेले आयोजित होने चाहिए। इससे शिक्षा और पाठन के प्रति समाज की रुचि बढ़ती है और नई पीढ़ी को पुस्तकों से जुड़ने का अवसर मिलता है। कहा कि मैं स्वयं राममंदिर पर छोटी-छोटी पुस्तक लिख रहा हूं।
छह दिवसीय मेले में नेशनल बुक ट्रस्ट, प्रकाशन विभाग लखनऊ, किताबघर, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, भारतीय ज्ञानपीठ, रामकृष्ण मठ समेत अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें हैं। मेले के पहले दिन रोटरी क्लब की ओर से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कई स्कूलों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। पुस्तक मेले 12 से 17 अक्तूबर तक चलेगा। मेले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पहले ही दिन पुस्तक प्रेमियों की भीड़ ने आयोजन को खास बना दिया।
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पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री ने बाबूजी की स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि यह अध्ययन केंद्र स्वर्गीय नारायण दास खत्री की स्मृति में 2003 से स्थापित और संचालित है। इस अध्ययन केंद्र में कविता, कहानी, उपन्यास और आलोचना आदि साहित्य की विभिन्न विधाओं के साथ ही धर्म, आध्यात्मिक, विज्ञान, इतिहास, दर्शन, स्वास्थ्य एवं मनोरंजन आदि से जुड़ी हिंदी, अंग्रेजी, बंग्ला और उर्दू आदि की पुस्तकें जुटाई गई हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मेला प्रभारी रीता खत्री व संचालन मेला संयोजिका नमिता मेहरोत्रा ने किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष राजकुमार खत्री, हरिकृष्ण अरोड़ा, प्रभात टंडन, निशीथ वर्मा, राकेश केसरवानी, सुप्रीत कपूर, अशोक सिंह, राजकुमार वर्मा, ज्ञान मोटवानी, मुकेश पटेल अभिषेक खत्री, अंकुर खत्री, राहुल खत्री, रजत खत्री, प्रिया खत्री, मानसी खत्री, उग्रसेन मिश्र, दीपचंद्र सिंह, राजेंद्र प्रताप सिंह, अरविंद सिंह मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि राम का जीवन कौन जानता अगर वाल्मीकि उसे लिखते नहीं। मुझे इस समय पढ़ने का समय कम मिलता है, लेकिन आपातकाल के दौरान बहुत सी किताबों को पढा। महाभारत, पतंजलि का योग शास्त्र, कई लोगों की जीवनी पढ़ी। कहा अगर यह सब लिखा न गया होता तो इन सबको कौन जानता। उन्होंने कहा कि मोबाइल और इंटरनेट के युग में ऐसे आयोजन समाज को ज्ञान और संस्कृति से जोड़ने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों में भी इस तरह के पुस्तक मेले आयोजित होने चाहिए। इससे शिक्षा और पाठन के प्रति समाज की रुचि बढ़ती है और नई पीढ़ी को पुस्तकों से जुड़ने का अवसर मिलता है। कहा कि मैं स्वयं राममंदिर पर छोटी-छोटी पुस्तक लिख रहा हूं।
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छह दिवसीय मेले में नेशनल बुक ट्रस्ट, प्रकाशन विभाग लखनऊ, किताबघर, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, भारतीय ज्ञानपीठ, रामकृष्ण मठ समेत अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें हैं। मेले के पहले दिन रोटरी क्लब की ओर से चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कई स्कूलों के बच्चों ने प्रतिभाग किया। पुस्तक मेले 12 से 17 अक्तूबर तक चलेगा। मेले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पहले ही दिन पुस्तक प्रेमियों की भीड़ ने आयोजन को खास बना दिया।
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पूर्व सांसद डॉ. निर्मल खत्री ने बाबूजी की स्मृतियों को याद करते हुए कहा कि यह अध्ययन केंद्र स्वर्गीय नारायण दास खत्री की स्मृति में 2003 से स्थापित और संचालित है। इस अध्ययन केंद्र में कविता, कहानी, उपन्यास और आलोचना आदि साहित्य की विभिन्न विधाओं के साथ ही धर्म, आध्यात्मिक, विज्ञान, इतिहास, दर्शन, स्वास्थ्य एवं मनोरंजन आदि से जुड़ी हिंदी, अंग्रेजी, बंग्ला और उर्दू आदि की पुस्तकें जुटाई गई हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मेला प्रभारी रीता खत्री व संचालन मेला संयोजिका नमिता मेहरोत्रा ने किया। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष राजकुमार खत्री, हरिकृष्ण अरोड़ा, प्रभात टंडन, निशीथ वर्मा, राकेश केसरवानी, सुप्रीत कपूर, अशोक सिंह, राजकुमार वर्मा, ज्ञान मोटवानी, मुकेश पटेल अभिषेक खत्री, अंकुर खत्री, राहुल खत्री, रजत खत्री, प्रिया खत्री, मानसी खत्री, उग्रसेन मिश्र, दीपचंद्र सिंह, राजेंद्र प्रताप सिंह, अरविंद सिंह मौजूद रहे।