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Ayodhya News: रामकथा संग्रहालय में होगा आईआईटी मद्रास की नई तकनीक का उपयोग
Fri, 03 Jul 2026 08:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 03 Jul 2026 08:57 PM IST
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अयोध्या। भारत में विकसित अद्यतन तकनीकी नवाचारों पर केंद्रित गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन आईआईटी मद्रास, चेन्नई में किया गया। गोष्ठी में भारत में विकसित नवीन तकनीकों और उनके विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रदर्शनी में आईआईटी मद्रास ने विकसित अत्याधुनिक तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन भी किया। आईआईटी मद्रास की विकसित तकनीक का इस्तेमाल राम कथा संग्रहालय में किए जाने पर मुहर लग गई है।
रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अयोध्या स्थित अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को आधुनिक तकनीकों से समृद्ध करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। संग्रहालय में डिजिटल एवं इंटरैक्टिव तकनीकों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, रामायण परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को अधिक प्रभावी एवं आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने की योजना है। बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से संग्रहालय में आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और शोधार्थियों को बेहतर अनुभव मिलेगा तथा भारतीय संस्कृति और रामकथा को वैश्विक स्तर पर नए स्वरूप में प्रस्तुत करने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में तकनीक और सांस्कृतिक धरोहर के समन्वय को समय की आवश्यकता बताते हुए इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
कार्यक्रम में आईआईटी मद्रास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शंकर रमन, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव अखिलेश झा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव कुमार सिंह ने बताया कि अयोध्या स्थित अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को आधुनिक तकनीकों से समृद्ध करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। संग्रहालय में डिजिटल एवं इंटरैक्टिव तकनीकों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, रामायण परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को अधिक प्रभावी एवं आकर्षक ढंग से प्रस्तुत करने की योजना है। बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से संग्रहालय में आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों और शोधार्थियों को बेहतर अनुभव मिलेगा तथा भारतीय संस्कृति और रामकथा को वैश्विक स्तर पर नए स्वरूप में प्रस्तुत करने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम में तकनीक और सांस्कृतिक धरोहर के समन्वय को समय की आवश्यकता बताते हुए इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर भी बल दिया गया।
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कार्यक्रम में आईआईटी मद्रास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. शंकर रमन, भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव अखिलेश झा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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