{"_id":"6a95b3d6e0d5bdba9c0336c5","slug":"if-there-is-to-be-friendship-let-it-be-like-that-of-sudama-and-krishna-sampurnanand-ayodhya-news-c-97-1-ayo1016-157600-2026-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"मित्रता हो तो सुदामा और कृष्ण जैसी : संपूर्णानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मित्रता हो तो सुदामा और कृष्ण जैसी : संपूर्णानंद
Mon, 31 Aug 2026 10:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 31 Aug 2026 10:33 PM IST
विज्ञापन
हनुमतनगर। भरतकुंड स्थित नंदीग्राम मणिराम दास छावनी के प्राचीन भरत चरण पादुका हनुमान भरत मिलन मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर कथा प्रवाचक संपूर्णानंद ने कहा कि मित्रता हो तो सुदामा और कृष्ण जैसी। मित्र का अपने मित्र के प्रति समर्पण, विश्वास और प्रेम कैसे होना चाहिए, वह सुदामा और कृष्ण की तरह होना चाहिए। आजकल के मित्र स्वार्थ बस प्रेम करते हैं। समापन अवसर पर व्यवस्थापक महंत परमात्मा दास, विनोद पांडेय, रमाकांत पांडेय, अमरनाथ वर्मा, वंदना पांडेय सहित अन्य की मौजूदगी रही।
विज्ञापन