{"_id":"65a43c8038d9054cc10fa28a","slug":"gifts-came-from-janaki-dham-for-shri-rams-house-warming-faizabad-news-c-97-1-lu11008-8744-2024-01-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: श्रीराम के गृहप्रवेश के लिए जानकी धाम से आए उपहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: श्रीराम के गृहप्रवेश के लिए जानकी धाम से आए उपहार
Mon, 15 Jan 2024 01:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Mon, 15 Jan 2024 01:26 AM IST
विज्ञापन
श्री जानकी जन्मभूमि पुनौरा धाम सीतामढ़ी बिहार से करसेवकपुरम में आए उपहार।-संवाद
पांच ट्रकों में फल, मेवे से लेकर अनाज और आभूषण तक आया
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए रविवार को मां जानकी की जन्मभूमि पुनौरा धाम सीतामढ़ी बिहार से पांच ट्रकों में भरकर अनेक उपहार रामनगरी लाए गए हैं। उपहार लेकर कारसेवकपुरम पहुंचे पुनौरा धाम मंदिर के प्रबंधक श्रवण कुमार ने बताया कि 11051 टोकरियों में गृहस्थ के लिए उपयोगी सभी वस्तुएं हैं। इसमें तरह-तरह के फल, मेवे, अनाज में गेहूं, चावल, मिठाई में खाजा, लड्डू, आभूषण में कान की बाली, नाक की नथुनी, बिछिया, पायल हैं। साथ ही प्रभु के लिए चांदी के खड़ाऊ और जनेऊ भेजे गए हैं। इसके अलावा तांबा और फूल के बर्तन भी हैं। उन्होंने बताया कि इन उपहारों के लिए मां जानकी धाम के हजारों भक्तों ने सहयोग दिया है।
कम पड़ गई रखने की जगह और उतारने वाले
मां जानकी के धाम से आए उपहार कारसेवकपुरम के जिस कक्ष में रखे जा रहे थे, उसमें जगह कम पड़ गई। ये देख माता के मायके से आए लोग हंसने लगे। वहीं पांच ट्रकों में रखी सामग्री उतारने के लिए भी लोग कम थे। इसपर वहां से आए भक्त ही अपने सिर पर रखकर सामान कक्ष तक पहुंचाने लगे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए रविवार को मां जानकी की जन्मभूमि पुनौरा धाम सीतामढ़ी बिहार से पांच ट्रकों में भरकर अनेक उपहार रामनगरी लाए गए हैं। उपहार लेकर कारसेवकपुरम पहुंचे पुनौरा धाम मंदिर के प्रबंधक श्रवण कुमार ने बताया कि 11051 टोकरियों में गृहस्थ के लिए उपयोगी सभी वस्तुएं हैं। इसमें तरह-तरह के फल, मेवे, अनाज में गेहूं, चावल, मिठाई में खाजा, लड्डू, आभूषण में कान की बाली, नाक की नथुनी, बिछिया, पायल हैं। साथ ही प्रभु के लिए चांदी के खड़ाऊ और जनेऊ भेजे गए हैं। इसके अलावा तांबा और फूल के बर्तन भी हैं। उन्होंने बताया कि इन उपहारों के लिए मां जानकी धाम के हजारों भक्तों ने सहयोग दिया है।
कम पड़ गई रखने की जगह और उतारने वाले
मां जानकी के धाम से आए उपहार कारसेवकपुरम के जिस कक्ष में रखे जा रहे थे, उसमें जगह कम पड़ गई। ये देख माता के मायके से आए लोग हंसने लगे। वहीं पांच ट्रकों में रखी सामग्री उतारने के लिए भी लोग कम थे। इसपर वहां से आए भक्त ही अपने सिर पर रखकर सामान कक्ष तक पहुंचाने लगे।
विज्ञापन