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Ayodhya News: सरैठा में पांच अजगरों का डेरा, दहशत
Sat, 03 Jan 2026 09:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sat, 03 Jan 2026 09:11 PM IST
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17- सरैठा गांव में मौजूद अजगर
मवई। विकास खंड के ग्रामसभा सरैठा में एक साथ पांच विशालकाय अजगरों के दिखने से पूरे इलाके में भय का माहौल है। गांव के पश्चिम दिशा में स्थित एक खेत में पिछले पांच दिनों से इनकी मौजूदगी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
इन अजगरों की उपस्थिति के कारण ग्रामीण अपने खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। इससे क्षेत्र की खेती-किसानी का काम पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। किसानों का कहना है कि खेतों में काम करना अब बेहद जोखिम भरा हो गया है। उन्हें आशंका है कि यह अजगर कभी भी आबादी की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और मवेशियों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है। हालांकि, अब तक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया गया है। प्रशासन की इस निष्क्रियता से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
शाम ढलते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता है और लोग डर के मारे अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन अजगरों को रेस्क्यू कर उन्हें जंगल क्षेत्र में नहीं छोड़ा गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल इस मामले में संज्ञान लेने, एक विशेष रेस्क्यू टीम भेजने और गांव को इस भय से मुक्त कराने की मांग की है।
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इन अजगरों की उपस्थिति के कारण ग्रामीण अपने खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। इससे क्षेत्र की खेती-किसानी का काम पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। किसानों का कहना है कि खेतों में काम करना अब बेहद जोखिम भरा हो गया है। उन्हें आशंका है कि यह अजगर कभी भी आबादी की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे बच्चों, महिलाओं और मवेशियों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है। हालांकि, अब तक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया गया है। प्रशासन की इस निष्क्रियता से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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शाम ढलते ही गांव में सन्नाटा पसर जाता है और लोग डर के मारे अपने घरों में कैद होने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इन अजगरों को रेस्क्यू कर उन्हें जंगल क्षेत्र में नहीं छोड़ा गया तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल इस मामले में संज्ञान लेने, एक विशेष रेस्क्यू टीम भेजने और गांव को इस भय से मुक्त कराने की मांग की है।
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