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व्यक्ति को विवेकवान और उत्तरदायी बनाती है विद्या : कुलपति
Fri, 23 Jan 2026 09:04 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 23 Jan 2026 09:04 PM IST
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5- वसंत पंचमी पर मां सरस्वती का पूजन करते कुलपति- विश्वविद्यालय
अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न विभागों में वसंत पंचमी पर मां सरस्वती का पूजन-अर्चन हुआ। अहिल्याबाई होल्कर बालिका छात्रावास व केंद्रीय पुस्तकालय में कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने मां सरस्वती की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विद्या वह शक्ति है, जो व्यक्ति को विवेकवान, संवेदनशील और उत्तरदायी बनाती है।
कुलपति ने कहा कि मां सरस्वती केवल ज्ञान की अधिष्ठात्री नहीं है, बल्कि वाणी, विचार और आचरण की दिव्य प्रेरणा भी हैं। वसंत पंचमी का यह अवसर सभी छात्र-छात्राओं को सफलता ही नहीं सार्थकता की ओर भी अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। इसी से ज्ञान, करुणा और सेवा से युक्त समर्थ समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।
इंस्टीट्यूट ऑॅफ फार्मेसी में प्रो. शैलेंद्र कुमार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया। समन्वयक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि ज्ञान ही मानव को अज्ञान के अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। डॉ. अंकुर श्रीवास्तव ने कहा कि मां सरस्वती की कृपा से विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, नवाचार की भावना और बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।
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योग विज्ञान विभाग में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती का पूजन-अर्चन कर सर्वे भवंतु सुखिन: का संदेश देते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस के अवसर पर पौधरोपण कर पर्यावरण को समृद्ध करने का संदेश दिया। अहिल्याबाई होल्कर छात्रावास में छात्राओं की ओर से सुंदर रंगोली का निर्माण कर समृद्ध रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो. सुरेंद्र मिश्र, वार्डन डॉ. गीतिका श्रीवास्तव, डॉ. अनुराग सोनी, आलोक तिवारी, डॉ. स्वाति सिंह, केके मिश्र, आशीष जायसवाल, रामनिवास गौड़ व दिवाकर पांडेय सहित छात्रावास की छात्राएं और कर्मचारी मौजूद रहे।
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कुलपति ने कहा कि मां सरस्वती केवल ज्ञान की अधिष्ठात्री नहीं है, बल्कि वाणी, विचार और आचरण की दिव्य प्रेरणा भी हैं। वसंत पंचमी का यह अवसर सभी छात्र-छात्राओं को सफलता ही नहीं सार्थकता की ओर भी अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। इसी से ज्ञान, करुणा और सेवा से युक्त समर्थ समाज का निर्माण संभव हो सकेगा।
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इंस्टीट्यूट ऑॅफ फार्मेसी में प्रो. शैलेंद्र कुमार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन किया। समन्वयक डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि ज्ञान ही मानव को अज्ञान के अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। डॉ. अंकुर श्रीवास्तव ने कहा कि मां सरस्वती की कृपा से विद्यार्थियों में सीखने की जिज्ञासा, नवाचार की भावना और बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।
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योग विज्ञान विभाग में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने मां सरस्वती का पूजन-अर्चन कर सर्वे भवंतु सुखिन: का संदेश देते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस के अवसर पर पौधरोपण कर पर्यावरण को समृद्ध करने का संदेश दिया। अहिल्याबाई होल्कर छात्रावास में छात्राओं की ओर से सुंदर रंगोली का निर्माण कर समृद्ध रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीलम पाठक, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो. सुरेंद्र मिश्र, वार्डन डॉ. गीतिका श्रीवास्तव, डॉ. अनुराग सोनी, आलोक तिवारी, डॉ. स्वाति सिंह, केके मिश्र, आशीष जायसवाल, रामनिवास गौड़ व दिवाकर पांडेय सहित छात्रावास की छात्राएं और कर्मचारी मौजूद रहे।