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Ayodhya News: दिनेंद्र दास को निर्मोही अखाड़ा के महंत पद से हटाया

Sun, 19 Jul 2026 08:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sun, 19 Jul 2026 08:52 PM IST
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Dinendra Das removed from the post of Mahant of Nirmohi Akhara
अयोध्या। पंच रामानंदीय निर्मोही अखाड़ा की पांच जुलाई को दिल्ली में आयोजित बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास के खिलाफ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाने का दावा किया गया है। बैठक की अध्यक्षता महंत रामचंद्राचार्य ने की। बैठक के बाद सामने आए नोट्स के अनुसार, महंत दिनेंद्र दास को अखाड़े से अलग करने का निर्णय लिया गया है और उन्हें महंत पद से हटा दिया गया है।
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बैठक के दस्तावेजों में महंत दिनेंद्र दास के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सवाल उठाए गए हैं। साथ ही यह दावा किया गया है कि अब वह निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि नहीं रहे। बैठक में मौजूद सदस्यों का कहना है कि 13 में से 10 महंत उपस्थित थे, जिससे बैठक का कोरम पूरा हुआ और प्रस्ताव विधिवत पारित किया गया। यदि यह निर्णय अखाड़े के नियमों के अनुसार प्रभावी माना जाता है, तो इससे एक नया प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या महंत दिनेंद्र दास श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा के प्रतिनिधि ट्रस्टी के रूप में बने रह सकते हैं। इस मुद्दे पर आने वाले दिनों में कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है।
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अखाड़े से हटाए जाने के दावे को दिनेंद्र दास ने बताया फर्जी
अयोध्या। श्री पंच रामानंदीय निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उस दावे को खारिज किया है, जिसमें उन्हें महंत पद से हटाए जाने और इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में रिट याचिका दाखिल किए जाने की बात कही गई है। शनिवार को जारी प्रेस नोट में महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि निर्मोही अखाड़े में वर्तमान में 19 पंच हैं, जिनमें से 13 पंच उनके साथ हैं और अखाड़े का कार्यकारी अधिकार भी उनके पास है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में जिस बैठक का हवाला दिया जा रहा है, उसकी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी। उनके अनुसार, बैठक का रिकॉर्ड और उस पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि अखाड़े के वरिष्ठ संत महंत रामचंद्राचार्य की आयु 102 वर्ष है और उनकी स्मरण शक्ति कमजोर हो चुकी है। उनका आरोप है कि कुछ लोग उनकी स्थिति का लाभ उठाकर अपने पक्ष में बयान दिलवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखाड़े की ओर से जो भी आधिकारिक निर्णय होगा, उसकी जानकारी वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही दी जाएगी।
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