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Ayodhya News: विकास कार्य जरूरी पर तय समय में हों पूरे

Sun, 28 Jun 2026 10:29 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jun 2026 10:29 PM IST
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Development works are essential but must be completed within the stipulated time
संवाद कार्यक्रम में मौजूद लोग।
अयोध्या। रामनगरी में तेजी से चल रहे विकास कार्यों के बीच शहरवासियों ने अव्यवस्थित कार्यप्रणाली पर चिंता जताई। अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में लोगों ने पेयजल संकट, अधूरे निर्माण कार्य, सड़क खुदाई, जलभराव, सीवर व्यवस्था, कूड़ा निस्तारण और निगम की शिकायत प्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना था कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उनकी स्पष्ट समयसीमा तय हो और आमजन की सुविधा को प्राथमिकता दी जाए।
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पेयजल क्षमता बढ़ाने की जरूरत
शहर के कई इलाकों में हर 10 दिन पर पेयजल संकट खड़ा हो रहा है। रामपथ से जुड़ी गलियों में यह समस्या सबसे अधिक है। नई कॉलोनियां बसती चली जा रहीं हैं लेकिन उस अनुपात में पेयजल क्षमता नहीं बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में अंगूरी बाग से ही जलापूर्ति की जा रही है, जो बढ़ती जरूरतों के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। रामपथ निर्माण के बाद स्थिति और प्रभावित हुई है। - आशुतोष श्रीवास्तव, रिकाबगंज
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विकास कार्यों की तय हो समयसीमा
नाका में नाला निर्माण के लिए मुख्य सड़क कई महीनों से खोदी गई है। शहर का प्रमुख सड़क होने से यहां लगातार जाम की स्थिति बन रही है। विकास कार्यों से परेशानी नहीं, लेकिन निर्माण कार्यों के दौरान सुविधा और समयसीमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। - राकेश तिवारी, शिवनगर कॉलोनी
खुदाई के बाद सड़कें तुरंत हों दुरुस्त
शहरभर में कई निर्माण कार्य चल रहे हैं, लेकिन सड़क खोदने के बाद उन्हें लंबे समय तक उसी स्थिति में छोड़ दिया जाता है। कई कॉलोनियों में 20 से 25 दिनों तक सड़कें खराब हालत में रहती हैं। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। - जगन्नाथ पाठक,
नाला निर्माण का मलबा बना मुसीबत
नाला निर्माण का कार्य 20 दिनों से अधिक समय से चल रहा है। निर्माण कार्य से निकला मलबा सड़क किनारे ही रखा गया है, जिससे लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। नाले से उठने वाली दुर्गंध भी आसपास रहने वालों के लिए समस्या बनी हुई है।- डॉ. पंकज पांडेय, शिवपुरम कॉलोनी
सीवर लाइन बनी, लेकिन सिस्टम अधूरा
शहर में सीवर लाइन डालने का काम तो बड़े स्तर पर चल रहा है, लेकिन उसकी निगरानी नहीं हो रही है। सीवर लाइन डालने के बाद भी उसे मुख्य नाले से नहीं जोड़ा गया है। घरों के कनेक्शन भी अधूरे हैं, जिससे बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ रही है। - पुनीत यादव, देवकाली
रविवार को भी हो कूड़ा उठान
नगर निगम की डोर-टू-डोर कूड़ा व्यवस्था को लेकर लोगों में असंतोष है। रविवार को कूड़ा उठान न होने से सबसे अधिक परेशानी होती है। कॉलोनियों में कूड़ा रखने के लिए निर्धारित स्थान भी नहीं हैं।- सोनू, शिवपुरम कॉलोनी
मानकों के अनुसार हो नाला निर्माण
नाला निर्माण की गुणवत्ता और ढलान सही न होने से लोगों को भारी परेशानी का झेलनी पड़ती है। कई जगह निर्माण कार्य अलग-अलग मानकों से हो रहे हैं, जिससे बारिश में जलभराव की स्थिति बन रही है।- विनायक यादव, देवकाली
शिकायतों के निस्तारण में हो पारदर्शिता
नगर निगम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को कई बार बिना समाधान के निस्तारित दिखा दिया जाता है। यदि शिकायत प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए और सही तरीके से कार्रवाई हो तो कई समस्याओं का समाधान हो सकता है।- अभिषेक सावंत, रिकाबगंज
ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर हो सार्वजनिक समीक्षा
निर्माण कार्य करने वाली कंपनियों के लिए सार्वजनिक समीक्षा व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। जहां कंपनी ने काम किया हो, वहां के लोगों की राय दर्ज हो और उसी के आधार पर आगे कार्य दिए जाएं। - उमेश प्रताप सिंह, ओमपुरम कॉलोनी
चौड़ाई और गुणवत्ता सही नहींं
कुछ क्षेत्रों में नालों के निर्माण में निर्धारित चौड़ाई और गुणवत्ता सही नहीं है। साथ ही बंदरों की बढ़ती समस्या लोग परेशान हैं।— अतुल कुमार सिंह, ओमपुरम कॉलोनी
खुले नाले हादसे का कारण बन सकते हैं
अंजनीपुरम क्षेत्र में कई जगह नाले खुले छोड़ दिए गए हैं। आए दिन लोग इन नालों के चलते दुर्घटना का भी शिकार होते रहते हैं। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जलभराव होने पर दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।— वीरेंद्र मौर्य, ओमपुरम कॉलोनी

विस्तार क्षेत्रों में विकास योजनाओं का अभाव
विस्तार क्षेत्रों में तेजी से निर्माण हो रहा है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का विकास उसी गति से नहीं हो रहा। सड़क, सीवर और जल निकासी जैसी व्यवस्थाओं पर पहले ध्यान दिया जाना चाहिए। वार्ड में पहले 13 तालाब थे लेकिन अतिक्रमण की वजह से अब केवल तीन ही बचे हैं।- सुनील कुमार यादव, चित्रगुप्त नगर वार्ड
पांच वर्षों से 70 घर झेल रहे पेयजल की समस्या
मुकेरी टोला में पांच वर्षों से पेयजल पाइपलाइन नहीं पहुंची, फिर भी लोगों से जलकर लिया जा रहा है। करीब 70 घरों के लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं - महेश कुमार सेन, मुकेरी टोला
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