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Ayodhya News: आचार संहिता उल्लंघन के मामले में नगर विधायक को राहत

Tue, 17 Mar 2026 10:40 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Tue, 17 Mar 2026 10:40 PM IST
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City MLA gets relief in code of conduct violation case
अयोध्या। आचार संहिता उल्लंघन के मामले में नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता को अदालत से राहत मिल गई है। सीजेएम/एपीएम एमएलए कोर्ट ने इस मामले में जारी समन आदेश पर फिर से सुनवाई का आदेश पारित किया है।
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यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम/एमपी एमएलए कोर्ट सुरेंद्र मोहन सहाय ने आरोपी विधायक वेद प्रकाश गुप्ता के निगरानी प्रार्थना पत्र की सुनवाई के बाद पारित किया है। वर्ष 2022 के विधान सभा चुनाव के दौरान वेद प्रकाश गुप्ता चुनाव प्रचार में थाना महाराजगंज क्षेत्र में गए हुए थे। उन पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए धन बांटने का आरोप लगाया गया और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया।
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वादी उप निरीक्षक राम अवतार राम ने वेद प्रकाश गुप्ता व उनके वाहन चालक अनिल कुमार के विरुद्ध 23 फरवरी, 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई। विवेचना के बाद वेद प्रकाश गुप्ता व उनके वाहन चालक अनिल कुमार के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। अदालत ने आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए दोनों लोगों को जरिये समन तलब करने का आदेश पारित किया।
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थाना महाराजगंज क्षेत्र के किशुनदासपुर निवासी वाहन चालक अनिल कुमार ने अदालत में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। सीजेएम ने नौ मार्च, 2022 को अनिल कुमार के विरुद्ध 500 रुपये का जुर्माना से दंडित किया।
विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने मामले के प्रसंज्ञान लेने के आदेश पर आपत्ति दाखिल की। 18 दिसंबर, 2024 को सीजेएम कोर्ट ने विधायक के आपत्ति प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।
सीजेएम की अदालत ने पारित आदेश के विरुद्ध एमपी-एमएलए कोर्ट में निगरानी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया कि वेद प्रकाश गुप्ता को बिना किसी सबूत के तलब किया गया है। उनके खिलाफ कोई अपराध नहीं बनता है। रिपोर्ट राजनैतिक प्रभाव में दर्ज कराई गई थी। उन्होंने राजनैतिक लाभ के लिए किसी को धन नहीं दिया है।

न्यायाधीश ने अभियोजन व आरोपी पक्ष के तर्क सुनने के पश्चात अवर न्यायालय के आदेश को त्रुटिपूर्ण मानते हुए निगरानी प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया। साथ ही सीजेएम कोर्ट के आदेश 18 दिसंबर, 2024 को निरस्त कर दिया। नगर विधायक के समन के खिलाफ प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर अवर न्यायालय में फिर से सुनवाई के लिए 30 मार्च की तिथि नियत की गई है।
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