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अयोध्या: 'एक समय पर कुबेर टीले पर मजारें ही मजारें थीं', चंपत राय बोले- आज वहां विराजमान हैं जटायु
Mon, 02 Nov 2026 02:28 PM IST
Bhupendra Singh
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: Bhupendra Singh
Updated Mon, 02 Nov 2026 02:28 PM IST
सार
अयोध्या में एक श्रद्धांजलि सभा के दौरान श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने कहा कि कभी कुबेर टीले पर मजारें नजर आती थीं, जहां आज जटायु विराजमान हैं। उन्होंने इसे 500 वर्षों के लंबे संघर्ष और लाखों रामभक्तों के बलिदान का परिणाम बताया, जबकि मुख्य अतिथि सूर्य प्रताप शाही ने कारसेवकों के योगदान को याद किया।
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दिगंबर अखाड़ा परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
अयोध्या में रामजन्मभूमि परिसर के कुबेर टीले पर कभी मजारें ही मजारें नजर आती थीं, आज उसी स्थान पर जटायु विराजमान हैं। यह राम मंदिर आंदोलन के लंबे संघर्ष और लाखों रामभक्तों के बलिदान का परिणाम है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने रविवार को दिगंबर अखाड़ा परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में यह बात कही।
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हुतात्मा कारसेवक स्मारक समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता चंपत राय ने कहा कि राम मंदिर आंदोलन पांच सौ वर्षों के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन था। मंदिर की मुक्ति के लिए इस दौरान कितने लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी, इसकी कोई गिनती नहीं है। सैकड़ों वर्षों के संघर्ष और लाखों रामभक्तों के बलिदान के बाद राम मंदिर बनकर तैयार हुआ है। उन्होंने कहा कि आज कुबेर टीले पर जटायु विराजमान हैं, जबकि पहले वहां मजारें ही मजारें दिखाई देती थीं।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कारसेवकों के अनगिनत बलिदान व्यर्थ नहीं गए। उनका स्वप्न और संकल्प पूरा हुआ है। आज हम भव्य राम मंदिर के निर्माण के साक्षी बन पा रहे हैं, यह बलिदानी कारसेवकों के संघर्ष का ही परिणाम है। उन्होंने महंत अवैद्यनाथ, अशोक सिंघल और परमहंस रामचंद्र दास के योगदान को भी याद किया।
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श्रद्धांजलि सभा में परमहंस रामचंद्र दास सहित सभी बलिदानी कारसेवकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। कार्यक्रम का संचालन महंत वैदेही वल्लभ शरण ने किया। इस मौके पर महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, महंत देवेंद्र प्रसादा चार्य, महंत डॉ. भरत दास, महंत डॉ. अवधेश दास सहित संघ और विहिप के कार्यकर्ता मौजूद रहे।