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Ayodhya News: सावधान! मिलावटखोरी बिगाड़ सकती है सेहत, हो सकते हैं गंभीर परिणाम

Sun, 01 Mar 2026 09:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या Updated Sun, 01 Mar 2026 09:27 PM IST
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Caution! Adulteration can harm your health and have serious consequences
अयोध्या। होली पर हो रही मिलावटखोरी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है। भविष्य में इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने मिलावटी खाद्य पदार्थों से परहेज की सलाह दी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने स्वयं ही मिलावटखोरी पकड़ने के टिप्स भी दिए हैं।
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वैसे तो पनीर, खोया, विभिन्न तरीके के खाद्य तेल, रंगीन कचरी आदि पदार्थों में हर समय मिलावटखोरी होती है। किसी त्योहार विशेष पर मिलावटखोर और सक्रिय हो जाते हैं। इसके पूर्वानुमान से एफएसडीए की टीम अलर्ट रहती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए टीमें छापा मारकर खाद्य पदार्थों के नमूने लेती हैं। कुछ खराब हालत में मिले खाद्य पदार्थ नष्ट कराए जाते हैं।
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प्रयोगशाला से नमूनों के फेल, असुरक्षित, अधोमानक आदि होने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ न्यायालय में मुकदमा भी चलता है। इसके निर्णय के अनुसार संबंधित के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई होती है। लंबे समय से चल रही इन कार्रवाइयों के बावजूद मिलावटखोरी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। इस बार होली को लेकर भी मिलावटखोरी तेज है। इसे लेकर जरा सी असावधानी आमजन को मुसीबत में डाल सकती है।
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इनसेट



पिछले साल लिए गए थे 66 नमूने, 50 निकले फेल

एफएसडीए ने पिछले साल होली पर चले अभियान के दौरान संदिग्ध मिलने पर 66 खाद्य पदार्थों का नमूना लिया था। इनमें खोये के 15 नमूने थे। इसके अलावा पनीर, बर्फी, तेल आदि के नमूने शामिल थे। वहीं, 2.12 लाख के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए थे और 2.34 लाख के सामान नष्ट कराए गए थे। इस बार एफएसडीए ने 18 फरवरी से 10 दिन का अभियान चलाया है। इस अवधि में टीमों ने 47 नमूने लिए। लगभग 21 लाख के खाद्य पदार्थ सीज किए गए। लगभग 2.88 लाख रुपये का खोया नष्ट कराया गया। सीज की गई वस्तुओं में मस्टर्ड ऑयल, खजूर, नेपाल के रिफाइंड, कचरी, पॉम ऑयल आदि शामिल थे।



इस तरह करें मिलावटखोरी की जांच



सहायक आयुक्त मानिकचंद्र सिंह ने बताया कि खोया हाथ में लेकर उसे आयोडीन टिंचर मिलाने पर यदि वह नीला रंग दे रहा है तो उसमें स्टार्च की मिलावट हो सकती है। दूध हाथ के नाखून या चिकने फर्श पर डालने पर तुरंत फिसल जाता है तो उसमें पानी की मिलावट हो सकती है। पनीर में भी आयोडीन टिंचर मिलाने पर यदि पीला रंग दे रहा है तो उसमें भी मिलावट हो सकती है।


मिलावट के होते हैं गंभीर दुष्प्रभाव : डॉ. वीरेंद्र



मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि मिलावटखोरी से पाचन तंत्र पर प्रभाव पड़ता है। त्वरित दुष्प्रभावों में उल्टी और दस्त, गैस और अपच, फूड पॉइजनिंग आदि होता है। भविष्य में इससे लीवर, किडनी, ह्रदय आदि को नुकसान पहुंचता है। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में रुकावट आती है। तंत्रिका तंत्र पर भी असर पड़ता है।
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