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Ayodhya News: 18 घंटे बाद मिले नाना-नाती के शव
Fri, 11 Sep 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Fri, 11 Sep 2026 12:29 AM IST
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शुजागंज। रुदौली के पसैया में बुधवार दोपहर नदी में डूबे नाना-नाती के शव करीब 18 घंटे बाद बृहस्पतिवार सुबह बरामद कर लिए गए। रात होने के कारण बुधवार को सर्च अभियान रोक दिया गया था। सुबह एसडीआरएफ और गोताखोर बृजेश की संयुक्त टीम ने दोबारा तलाश शुरू की तो घटनास्थल से कुछ दूरी पर दोनों शव मिल गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पसैया के सड़री निवासी जगराम (60) और ईदगाह रुदौली निवासी उनके नाती शिवा (18) की मौत से परिवारों में कोहराम मच गया। बताया गया कि घटनास्थल पर इससे पहले भी दो लोग नदी में डूब चुके हैं।
रक्षाबंधन पर आए थे भैया, क्या पता फिर नहीं मिलेंगे
शिवा तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वह पिता की मदद के लिए हैदराबाद जाने की तैयारी कर रहा था। छोटी बहन रागिनी (13) और भाई अर्पित (7) ने अभी भाई को खोने का सदमा भी नहीं संभाला था कि सामने उसका शव आ गया। शिवा का शव देखते ही रागिनी चीख पड़ी। रोते हुए बोली, भैया रक्षाबंधन के दिन आए थे, क्या पता कि फिर नहीं मिलेंगे। उसकी चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
नौ साल पहले बेटे को खोया, अब पति भी चले गए
जगराम परिवार के मुखिया थे। चार बेटों में छोटे मनजीत की नौ वर्ष पहले इसी नदी में डूबने से मौत हो गई थी। अब जगराम की भी उसी नदी में डूबने से जान चली गई। पति का शव देखकर पत्नी फूलमती बदहवास हो गईं। बिलखते हुए उन्होंने कहा, अब किसके सहारे जीवन कटेगा, पहले पुत्र फिर पति नदी में डूब गए। परिजनों के मुताबिक जगराम भी शिवा के साथ हैदराबाद जाने की तैयारी में थे।
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पीड़ित परिवारों से मिले विधायक
क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना जताई। उन्होंने दुख की इस घड़ी में हरसंभव मदद का भरोसा दिया।मौके पर एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, सीओ अरविंद सोनकर, अपराध निरीक्षक प्रदीप कुमार यादव और शुजागंज चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह यादव मौजूद रहे।
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रक्षाबंधन पर आए थे भैया, क्या पता फिर नहीं मिलेंगे
शिवा तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वह पिता की मदद के लिए हैदराबाद जाने की तैयारी कर रहा था। छोटी बहन रागिनी (13) और भाई अर्पित (7) ने अभी भाई को खोने का सदमा भी नहीं संभाला था कि सामने उसका शव आ गया। शिवा का शव देखते ही रागिनी चीख पड़ी। रोते हुए बोली, भैया रक्षाबंधन के दिन आए थे, क्या पता कि फिर नहीं मिलेंगे। उसकी चीख-पुकार सुनकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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नौ साल पहले बेटे को खोया, अब पति भी चले गए
जगराम परिवार के मुखिया थे। चार बेटों में छोटे मनजीत की नौ वर्ष पहले इसी नदी में डूबने से मौत हो गई थी। अब जगराम की भी उसी नदी में डूबने से जान चली गई। पति का शव देखकर पत्नी फूलमती बदहवास हो गईं। बिलखते हुए उन्होंने कहा, अब किसके सहारे जीवन कटेगा, पहले पुत्र फिर पति नदी में डूब गए। परिजनों के मुताबिक जगराम भी शिवा के साथ हैदराबाद जाने की तैयारी में थे।
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पीड़ित परिवारों से मिले विधायक
क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना जताई। उन्होंने दुख की इस घड़ी में हरसंभव मदद का भरोसा दिया।मौके पर एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, सीओ अरविंद सोनकर, अपराध निरीक्षक प्रदीप कुमार यादव और शुजागंज चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह यादव मौजूद रहे।