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Ayodhya News: राज्यपाल की पहल पर लखनऊ के छात्रों का अयोध्या भ्रमण
Tue, 21 Apr 2026 08:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Tue, 21 Apr 2026 08:55 PM IST
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राम की पैड़ी पर भ्रमण करते विद्यार्थी।
अयोध्या। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा और मार्गदर्शन में राजधानी लखनऊ के आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन के 38 विद्यार्थियों का अयोध्या के लिए शैक्षिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण आयोजित किया गया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, लता मंगेशकर चौक और सरयू घाटों का भ्रमण किया। स्थानीय स्तर पर इन स्थलों के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को समझने का प्रयास किया गया, जिससे विद्यार्थियों में भारतीय आस्था और परंपराओं के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई।
इस दौरान छात्रों ने महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय का भी दौरा किया, जहां विशेष शैक्षिक सत्र आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों ने रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, ध्यान और योग के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को बताया गया कि किस प्रकार भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों को मजबूत करता है।
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राज्यपाल की पहल के पीछे यह सोच रही कि विद्यार्थियों का समग्र विकास केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें अपनी जड़ों, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। इसी दृष्टिकोण से इस भ्रमण को डिजाइन किया गया, ताकि छात्र अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को प्रत्यक्ष रूप से महसूस कर सकें। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे सीखने का अलग और प्रभावी माध्यम बताया। यह पहल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक सार्थक कदम मानी जा रही है।
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भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने राम जन्मभूमि मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, लता मंगेशकर चौक और सरयू घाटों का भ्रमण किया। स्थानीय स्तर पर इन स्थलों के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को समझने का प्रयास किया गया, जिससे विद्यार्थियों में भारतीय आस्था और परंपराओं के प्रति गहरी रुचि विकसित हुई।
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इस दौरान छात्रों ने महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय का भी दौरा किया, जहां विशेष शैक्षिक सत्र आयोजित किए गए। विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों ने रामायण, श्रीमद्भगवद्गीता, ध्यान और योग के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को बताया गया कि किस प्रकार भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों को मजबूत करता है।
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राज्यपाल की पहल के पीछे यह सोच रही कि विद्यार्थियों का समग्र विकास केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें अपनी जड़ों, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ना भी उतना ही जरूरी है। इसी दृष्टिकोण से इस भ्रमण को डिजाइन किया गया, ताकि छात्र अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को प्रत्यक्ष रूप से महसूस कर सकें। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इसे सीखने का अलग और प्रभावी माध्यम बताया। यह पहल विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक सार्थक कदम मानी जा रही है।