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Ayodhya: राम मंदिर में सिफारिश पर नियुक्त कर्मी हटाए जाएंगे, अनुभवी को मिलेगी जिम्मेदारी
Sun, 28 Jun 2026 07:30 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या
नितिन मिश्र, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sun, 28 Jun 2026 07:30 PM IST
सार
अयोध्या के राम मंदिर में हुए विवाद के बाद मंदिर की व्यवस्था में बड़े परिवर्तन किए जाने की उम्मीद है साथ ही उन कर्मचारियों को हटाया जाएगा जिनकी नियुक्ति सिफारिश से हुई है।
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राम मंदिर में चढ़ावा चोरी।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राम मंदिर में चढ़ावा और दान से जुड़े विवादों के बाद अब केवल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पुनर्गठन की ही नहीं, बल्कि पूरे मंदिर के प्रशासनिक और संचालन तंत्र में व्यापक बदलाव की तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की सिफारिश पर नियुक्त किए गए कर्मचारियों की विस्तृत स्क्रीनिंग कराई जाएगी। जिन कर्मियों की कार्यशैली या नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठेंगे, उन्हें हटाया जा सकता है।
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इसके बाद आवश्यकता के अनुसार नए और अनुभवी कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। मंदिर में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नियुक्तियां हुईं, लेकिन कई मामलों में व्यवस्थित स्क्रीनिंग और योग्यता परीक्षण नहीं किए गए। यही कारण रहा कि दान और चढ़ावे से जुड़े विवाद सामने आने पर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे और उसकी व्यापक आलोचना हुई। अब नई व्यवस्था में नियुक्तियों को पूरी तरह मेरिट, अनुभव और सत्यापन के आधार पर किए जाने की तैयारी है। प्रशासनिक पुनर्गठन का उद्देश्य केवल कर्मचारियों में बदलाव करना नहीं, बल्कि मंदिर की पूरी व्यवस्था को फूलप्रूफ बनाना है। इसके तहत वित्तीय प्रबंधन, दान व्यवस्था, कर्मचारियों की जवाबदेही और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली को भी नए सिरे से विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की संभावना न्यूनतम रहे।
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वीआईपी दर्शन पास जारी करने की नई नीति बनेगी
- ट्रस्ट में बदलाव का असर राम मंदिर की दर्शन व्यवस्था पर भी दिखाई देगा। अभी तक वीआईपी दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी। उनके पद छोड़ने के बाद अब वीआईपी दर्शन की पूरी व्यवस्था नए सिरे से तैयार किए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, पास जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और संस्थागत बनाया जाएगा, हालांकि अंतिम स्वरूप अभी तय नहीं हुआ है।
सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों की बनेगी मॉनिटरिंग टीम
- मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए पहले से बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, लेकिन अब ट्रस्ट अपने स्तर पर भी एक स्वतंत्र निगरानी तंत्र विकसित करने की तैयारी में है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। यह टीम मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, कर्मचारियों के कार्य, दान प्रणाली और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की नियमित निगरानी करेगी तथा सीधे ट्रस्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और किसी भी अनियमितता का समय रहते पता लगाना होगा।