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Ayodhya: राम मंदिर में तैनात आरएमओ अर्जुन देव हटाए गए, 1600 कैमरों की निगरानी की थी जिम्मेदारी
Mon, 29 Jun 2026 09:54 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Mon, 29 Jun 2026 09:54 PM IST
सार
अर्जुन देव वर्ष 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात थे। इस दौरान कई बार उनके तबादले के आदेश हुए, लेकिन हर बार किसी न किसी स्तर पर रुक गए। हाल में लखनऊ तबादले का आदेश भी निरस्त हो गया था। चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद उन्हें हटा दिया गया है।
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अर्जुन देव व चंपत राय।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपियों के घर छापेमारी और पूछताछ के बीच श्रीराम जन्मभूमि में 17 वर्षों से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (आरएमओ) अर्जुन देव को राम मंदिर से हटा दिया गया है।
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काउंटिंग रूम में चढ़ावे की गणना के दौरान लगे सीसीटीवी कैमरों के साथ पूरे मंदिर परिसर में लगे करीब 1600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। ऐसे में एसआईटी व पुलिस यह पता लगा रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी कैसे होती रही और निगरानी तंत्र कहां नाकाम रहा।
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सूत्रों के मुताबिक अर्जुन देव वर्ष 2009 से लगातार अयोध्या में तैनात थे। इस दौरान कई बार उनके तबादले के आदेश हुए, लेकिन हर बार किसी न किसी स्तर पर रुक गए। हाल में लखनऊ तबादले का आदेश भी निरस्त हो गया था। एसआईटी अब यह भी खंगाल रही है कि आखिर उनके तबादले बार-बार किसके स्तर से रुकवाए गए और एक ही जिले में 17 वर्ष तक तैनाती की वजह क्या रही।
जांच में यह भी सामने आया है कि अर्जुन देव सिर्फ वायरलेस संचार और सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं थे। वह वीआईपी दर्शन व्यवस्था समेत ट्रस्ट के कई कामकाज में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे। एसआईटी उनसे पूछताछ कर चुकी है और अब उनकी जिम्मेदारियों, अधिकार क्षेत्र और ट्रस्ट के पदाधिकारियों से संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।
चंपत राय के दिल्ली जाने की चर्चा
चंपत राय को लेकर चर्चा है कि वह दिल्ली चले गए हैं। हालांकि एक अधिकारी से इस बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने इस बात को नकार दिया है। उनका कहना था कि वह अयोध्या में ही हैं। उधर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी पूरे घटनाक्रम पर अपनी रिपोर्ट तैयार करने की कवायद तेज कर दी है। क्षेत्र प्रचारक अनिल कुमार अयोध्या में संतों, महंतों और मंदिर से जुड़े लोगों से फीडबैक ले रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, उनकी रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट की नई व्यवस्था और पुनर्गठन पर मंथन आगे बढ़ सकता है।