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Ayodhya News: सवालों के घेरे में अवध विश्वविद्यालय के सचल दल

Sun, 18 May 2025 10:03 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 18 May 2025 10:03 PM IST
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Avadh University's mobile squad under question
अयोध्या। डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय की यूजी सम सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए गठित सचल दल सवालों के घेरे में हैं। कई बार परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने से पहले ही केंद्राध्यक्ष और कॉलेजों के प्रबंधकों को इनके आने की सूचना मिल जाती है। संभवत: इसीलिए अयोध्या समेत सात जिलों में चल रही परीक्षा में इक्का-दुक्का नकलचियों की ही धर पकड़ हो पा रही है।
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एनईपी के तहत सात मई से अवध विश्वविद्यालय की स्नातक सम सेमेस्टर परीक्षा सात जिलों के 494 परीक्षा केंद्रों पर चल रही है। इसमें 4,31,451 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने छह सचल दल बनाए हैं। इन सभी दलों में एक संयोजक और पांच सदस्य शामिल हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन इन सचल दलों को परीक्षा के दिन ही सुबह परीक्षा केंद्रों की सूची देता है। इसी दौरान यह बताया जाता है कि किस सचल दल को किन-किन परीक्षा केंद्रों पर जाना है। बताया जाता है कि इन दलों के कुछ सदस्य केंद्रों पर पहुंचने से पहले ही केंद्राध्यक्षों या प्रबंधकों को सूचित कर देते हैं। ऐसे में नकल पकड़े जाने की गुंजाइश काफी कम हो जाती है।
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विश्वविद्यालय प्रशासन शुचिता पूर्ण परीक्षा कराने का दावा इन्हीं सचल दलों के भरोसे करता है। कुछ केंद्राध्यक्षों से बात करने पर भी इसकी पुष्टि हुई कि सचल दल के आने की सूचना कई बार उन्हें पहले ही मिल जाती है। इस प्रवृत्ति का विरोध करने वाले दल के सदस्य को अलग-थलग कर दिया जाता है। पूर्व परीक्षा नियंत्रक के कार्यकाल में तो सचल दलों को कुछ चुने हुए केंद्रों पर ही जाने की हिदायत होती थी।




इस बारे में अवध विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. जनमेजय तिवारी का कहना है कि इस बार भी सचल दल में पुरानी टीम के सदस्यों को ही शामिल किया गया है। कुछ ही नए सदस्यों को जोड़ा गया है। इनमें कई सदस्य ऐसे हैं, जो कई वर्षों से लगातार सचल दल में चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन पर सचल दल के संयोजकों और सदस्यों को तत्काल बदलने का दबाव डाला जाएगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो शिक्षक संघ आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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