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Ayodhya News: प्रदेश सरकार के बजट से अधिवक्ताओं में निराशा
Thu, 20 Feb 2025 09:38 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Thu, 20 Feb 2025 09:38 PM IST
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अयोध्या। प्रदेश सरकार के बजट को फैजाबाद बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने निराशाजनक बताया है। अधिवक्ताओं के अनुसार न्यायालयों में अधिवक्ता चैंबर के निर्माण पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया है। इसके निर्माण के लिए पिछले बजट की अपेक्षा कम धनराशि के आवंटन को प्रस्तावित किया गया है। कचहरी परिसर की सुविधाओं को सुधारने के लिए मात्र 20 करोड़ रुपये ही दिए गए हैं। वहीं, युवा अधिवक्ताओं के लिए पांच करोड़ रुपये के काॅर्प्स फंड, किताब व पत्रिका के लिए 10 करोड़ रुपये प्रस्तावित बजट में प्रावधान की सराहना की है।
अध्यक्ष सूर्य नारायण सिंह ने कहा कि सरकार ने बजट में कुछ नहीं दिया है। मेडिकल सहायता के बिना कितने अधिवक्ता असमय दिवंगत हो चुके हैं, इस पर सरकार नहीं सोच रही है। पूर्व अध्यक्ष सुशील चौबे ने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए दिए गए बजट की धनराशि को बढ़ाना चाहिए था। प्रस्तावित बजट पर काम भी होना चाहिए, तभी बजट की सार्थक होगा। पूर्व उपाध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने कहा कि इससे वकीलों का भला नहीं होने वाला है। अधिवक्ता दुर्गेश श्रीवास्तव ने न्यायिक क्षेत्र में बजट को कम बताया। अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए अच्छे बजट की मांग की। अधिवक्ता पवन कुमार पांडेय ने कहा कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के आवास के लिए भारी भरकम बजट प्रस्तावित किया गया, जबकि जिले की अदालतों को कम बजट दिया गया है। अधिवक्ता शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि बजट में दीवानी न्यायालय की सुरक्षा को लेकर 100 करोड़ का प्रावधान किया गया, इससे सुरक्षा व्यवस्था में मजबूती आएगी।
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अध्यक्ष सूर्य नारायण सिंह ने कहा कि सरकार ने बजट में कुछ नहीं दिया है। मेडिकल सहायता के बिना कितने अधिवक्ता असमय दिवंगत हो चुके हैं, इस पर सरकार नहीं सोच रही है। पूर्व अध्यक्ष सुशील चौबे ने कहा कि अधिवक्ताओं के लिए दिए गए बजट की धनराशि को बढ़ाना चाहिए था। प्रस्तावित बजट पर काम भी होना चाहिए, तभी बजट की सार्थक होगा। पूर्व उपाध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने कहा कि इससे वकीलों का भला नहीं होने वाला है। अधिवक्ता दुर्गेश श्रीवास्तव ने न्यायिक क्षेत्र में बजट को कम बताया। अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए अच्छे बजट की मांग की। अधिवक्ता पवन कुमार पांडेय ने कहा कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के आवास के लिए भारी भरकम बजट प्रस्तावित किया गया, जबकि जिले की अदालतों को कम बजट दिया गया है। अधिवक्ता शैलेंद्र जायसवाल ने कहा कि बजट में दीवानी न्यायालय की सुरक्षा को लेकर 100 करोड़ का प्रावधान किया गया, इससे सुरक्षा व्यवस्था में मजबूती आएगी।
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