{"_id":"67f29244da8adde93407fe7f","slug":"40-degree-temperature-put-devotees-to-the-test-on-the-birthday-ayodhya-news-c-13-1-lko1045-1145318-2025-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ayodhya News: 40 डिग्री तापमान ने जन्मोत्सव पर ली भक्तों की अग्नि परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ayodhya News: 40 डिग्री तापमान ने जन्मोत्सव पर ली भक्तों की अग्नि परीक्षा
विज्ञापन
अयोध्या। रामलला के जन्मोत्सव पर 40 डिग्री के तापमान ने भक्तों की अग्नि परीक्षा ली। कड़ी धूप में लू के थपेड़ों के बीच देश-दुनिया के श्रद्धालु जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए सरयू तट से राम मंदिर की तरफ बढ़ते रहे। इसमें युवाओं के साथ महिला, बजुर्ग और बच्चे सभी शामिल रहे। आस्था के उल्लास के सामने प्रतिकूल मौसम का प्रभाव फीका पड़ गया।
रामनवमी पर रामलला के जन्मोत्सव के उत्सव का आगाज भोर में ही सरयू तट से शुरू हो गया। हजारों की संख्या में रामभक्त स्नान घाटों पर पहुंच गए। रामनवमी पर सरयू स्नान की भी पौराणिक मान्यता है। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसे भी पूरी निष्ठा के साथ निभाया। सरयू में आस्था की डुबकी लगाने के बाद रामभक्त जत्थों के रूप में पहले राम की पैड़ी पर स्थित नागेश्वर नाथ मंदिर पर कतारबद्ध हुए। यहां महादेव का दर्शन करने के बाद हनुमानगढ़ी और राम मंदिर के लिए रवाना हुए।
भोर से सुबह तक तो थोड़ी राहत रही। सरयू घाटों से लेकर राम की पैड़ी और रामपथ पर मौजूद भक्तों को बहुत परेशानी नहीं हुई लेकिन आठ बजे के बाद से ही धूप और गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। इसी के साथ रामनगरी में लाखों की संख्या में मौजूद भक्तों को धूप की तेज होती जा रही तपिश के बीच रामपथ पर पैदल आवागमन के दौरान दुश्वारियों का भी सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
फिर भी उनका जोश कम नहीं हुआ। राम नाम का उच्चारण उन्हें ऊर्जावान किए रहा। युवा, महिला और बच्चे पसीने से लथपथ होने के बाद भी पैदल ही आगे बढ़ते रहे। काफी बुजुर्ग और पैदल चल पाने में लाचार श्रद्धालुओं के लिए रामपथ पर आवागमन के दौरान व्हील चेयर संचालक मददगार बने। दोपहर 12 बजे रामलला के जन्म और सूर्य तिलक के बाद चिलचिलाती धूप में भी राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में भक्तों की भीड़ कम नहीं हुई। यह सिलिसिला शाम तक जारी रहा। यह अलग बात रही कि शाम होने के साथ धूप के दंश से निजात मिल गई।
विज्ञापन
रामनवमी पर रामलला के जन्मोत्सव के उत्सव का आगाज भोर में ही सरयू तट से शुरू हो गया। हजारों की संख्या में रामभक्त स्नान घाटों पर पहुंच गए। रामनवमी पर सरयू स्नान की भी पौराणिक मान्यता है। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालुओं ने इसे भी पूरी निष्ठा के साथ निभाया। सरयू में आस्था की डुबकी लगाने के बाद रामभक्त जत्थों के रूप में पहले राम की पैड़ी पर स्थित नागेश्वर नाथ मंदिर पर कतारबद्ध हुए। यहां महादेव का दर्शन करने के बाद हनुमानगढ़ी और राम मंदिर के लिए रवाना हुए।
विज्ञापन
भोर से सुबह तक तो थोड़ी राहत रही। सरयू घाटों से लेकर राम की पैड़ी और रामपथ पर मौजूद भक्तों को बहुत परेशानी नहीं हुई लेकिन आठ बजे के बाद से ही धूप और गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। इसी के साथ रामनगरी में लाखों की संख्या में मौजूद भक्तों को धूप की तेज होती जा रही तपिश के बीच रामपथ पर पैदल आवागमन के दौरान दुश्वारियों का भी सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
फिर भी उनका जोश कम नहीं हुआ। राम नाम का उच्चारण उन्हें ऊर्जावान किए रहा। युवा, महिला और बच्चे पसीने से लथपथ होने के बाद भी पैदल ही आगे बढ़ते रहे। काफी बुजुर्ग और पैदल चल पाने में लाचार श्रद्धालुओं के लिए रामपथ पर आवागमन के दौरान व्हील चेयर संचालक मददगार बने। दोपहर 12 बजे रामलला के जन्म और सूर्य तिलक के बाद चिलचिलाती धूप में भी राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में भक्तों की भीड़ कम नहीं हुई। यह सिलिसिला शाम तक जारी रहा। यह अलग बात रही कि शाम होने के साथ धूप के दंश से निजात मिल गई।