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Ayodhya News: सदर तहसील के 10 गांव बाढ़ की चपेट में, सैकड़ों घर डूबे
Sun, 10 Aug 2025 08:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
Updated Sun, 10 Aug 2025 08:20 PM IST
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अयोध्या/पूराबाजार। सरयू के रौद्र रूप ने सदर, सोहावल व रुदौली तहसील के कई गांव वासियों की चिंता बढ़ा दी है। सरयू लाल निशान से 43 सेमी ऊपर बह रही है, जिससे सदर तहसील के 10 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों में कई घर पानी से घिर गए हैं, सैकड़ों हेक्टेयर फसलें पानी में डूब गई हैं। बाढ़ पीड़ित सुरक्षित ठिकानों पर शरण ले रहे हैं।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 93़ 16 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो लाल निशान 92़ 73 मीटर से 43 सेमी ऊपर है। हालांकि जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर आठ सेमी घटा है। सदर तहसील के रामपुर पुवारी माझा, मदरहिया, मूड़ाडीहा, सलेमपुर, पीपरी संग्राम, मड़ना माझा, सेवरहवा, उरदहवा, गिलंट, लोनियाना और बलुइया बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। रामपुर पुवारी माझा के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि गांव के निचले इलाकों में पानी घुसने से सैकड़ों घर डूब चुके हैं। मूड़ाडीहा व सलेमपुर के बाढ़ पीड़ित रामकेश, जयराजी, मालती और बजरहो ने बताया कि अब तक सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है। लोग बांध पर तिरपाल डालकर शरण लिए हुए हैं। गांवों की मुख्य सड़कों पर पानी भर जाने से आवाजाही पूरी तरह बाधित है।
शुजागंज के बाढ़ प्रभावित महंगू का पुरवा व अब्बूपुर के संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी भर गया है। ग्रामीणों को पानी में से होकर आना-जाना पड़ रहा है। महंगू का पुरवा निवासी संजय का कहना कि हर साल तीन माह हम ग्रामीणों को ठीक से भोजन नसीब नहीं होता है। अब्बूपुर निवासी राजन का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से समस्या हो जाती है। अभी तक हमने अपना आशियाना नहीं छोड़ा है।
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बाढ़ प्रभावित 100 परिवारों को राहत सामग्री का वितरण किया गया है। विधायक रामचंद्र यादव व उपजिलाधिकारी विकासधर दुबे ने कैथी मांझा व पसैया के प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना कि सबसे बड़ी समस्या मवेशियों के चारे की हो गई है। इस मौके पर तहसीलदार विजय गुप्ता, गन्ना समिति के चेयरमेन निर्मल शर्मा, राजस्व निरीक्षक अनिल यादव, क्षेत्रीय लेखपाल नकक्षेद भारती, संतोष यादव,राकेश वर्मा अभिमन्यु यादव आदि मौजूद रहे।
पिछले कई वर्षों से बाढ़ एवं कटान का दंश झेल रहे गोंडा जनपद के चार गांव से जुड़े पीड़ितों का कोई पुरसा हाल नहीं है। पानी से घिरे इन गांव के लोगों ने अब सोहावल में आकर अपना ठिकाना खोजना शुरू कर दिया है। ढेमवा पुल और बेनीपुर रामलीला ग्राउंड में पशुओं को सुरक्षित कर पीड़ित ग्रामीणों ने अगल-बगल अपने सगे संबंधियों के यहां शरण ली है। ब्योदा, साखीपुर, दत्त नगर, बहादुरपुर यह चार गांव गोंडा जनपद की तरबगंज तहसील से जुड़े हैं। पिछले एक दशक से इनका आना-जाना, रहन सहन सोहावल से होता रहा है। गोंडा से जुड़े लगभग दस हजार की आबादी को राहत और बचाव का इंतजार है। रविवार को इन गांव से जुड़े पीड़ितों ने ढेमवा पुल की सीमा सहित रौनाही के बेनीपुर रामलीला मैदान में अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधा है। ब्योदा निवासी पीड़ित सरजू, मोहन, जगदंबा, झगरू ने बताया कि महिलाओं और बच्चों को इस पार लाया गया है। सुरक्षित स्थान मिलते ही पुरुष भी आ जाएंगे। ढेमवा पुल से चल रही नाव भी अब ब्योदा के पास ही यात्रियों को छोड़ रही है।
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केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक रविवार शाम चार बजे सरयू का जलस्तर 93़ 16 मीटर रिकॉर्ड किया गया जो लाल निशान 92़ 73 मीटर से 43 सेमी ऊपर है। हालांकि जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले 24 घंटे में जलस्तर आठ सेमी घटा है। सदर तहसील के रामपुर पुवारी माझा, मदरहिया, मूड़ाडीहा, सलेमपुर, पीपरी संग्राम, मड़ना माझा, सेवरहवा, उरदहवा, गिलंट, लोनियाना और बलुइया बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। रामपुर पुवारी माझा के प्रधान रमेश निषाद ने बताया कि गांव के निचले इलाकों में पानी घुसने से सैकड़ों घर डूब चुके हैं। मूड़ाडीहा व सलेमपुर के बाढ़ पीड़ित रामकेश, जयराजी, मालती और बजरहो ने बताया कि अब तक सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है। लोग बांध पर तिरपाल डालकर शरण लिए हुए हैं। गांवों की मुख्य सड़कों पर पानी भर जाने से आवाजाही पूरी तरह बाधित है।
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शुजागंज के बाढ़ प्रभावित महंगू का पुरवा व अब्बूपुर के संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी भर गया है। ग्रामीणों को पानी में से होकर आना-जाना पड़ रहा है। महंगू का पुरवा निवासी संजय का कहना कि हर साल तीन माह हम ग्रामीणों को ठीक से भोजन नसीब नहीं होता है। अब्बूपुर निवासी राजन का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने से समस्या हो जाती है। अभी तक हमने अपना आशियाना नहीं छोड़ा है।
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बाढ़ प्रभावित 100 परिवारों को राहत सामग्री का वितरण किया गया है। विधायक रामचंद्र यादव व उपजिलाधिकारी विकासधर दुबे ने कैथी मांझा व पसैया के प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना कि सबसे बड़ी समस्या मवेशियों के चारे की हो गई है। इस मौके पर तहसीलदार विजय गुप्ता, गन्ना समिति के चेयरमेन निर्मल शर्मा, राजस्व निरीक्षक अनिल यादव, क्षेत्रीय लेखपाल नकक्षेद भारती, संतोष यादव,राकेश वर्मा अभिमन्यु यादव आदि मौजूद रहे।
पिछले कई वर्षों से बाढ़ एवं कटान का दंश झेल रहे गोंडा जनपद के चार गांव से जुड़े पीड़ितों का कोई पुरसा हाल नहीं है। पानी से घिरे इन गांव के लोगों ने अब सोहावल में आकर अपना ठिकाना खोजना शुरू कर दिया है। ढेमवा पुल और बेनीपुर रामलीला ग्राउंड में पशुओं को सुरक्षित कर पीड़ित ग्रामीणों ने अगल-बगल अपने सगे संबंधियों के यहां शरण ली है। ब्योदा, साखीपुर, दत्त नगर, बहादुरपुर यह चार गांव गोंडा जनपद की तरबगंज तहसील से जुड़े हैं। पिछले एक दशक से इनका आना-जाना, रहन सहन सोहावल से होता रहा है। गोंडा से जुड़े लगभग दस हजार की आबादी को राहत और बचाव का इंतजार है। रविवार को इन गांव से जुड़े पीड़ितों ने ढेमवा पुल की सीमा सहित रौनाही के बेनीपुर रामलीला मैदान में अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधा है। ब्योदा निवासी पीड़ित सरजू, मोहन, जगदंबा, झगरू ने बताया कि महिलाओं और बच्चों को इस पार लाया गया है। सुरक्षित स्थान मिलते ही पुरुष भी आ जाएंगे। ढेमवा पुल से चल रही नाव भी अब ब्योदा के पास ही यात्रियों को छोड़ रही है।