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Auraiya News: बढ़ रहा यमुना का जलस्तर, प्रशासन अलर्ट
Thu, 17 Jul 2025 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 17 Jul 2025 12:08 AM IST
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यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि।
- फोटो : यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि।
अजीतमल (औरैया)। यमुना नदी फिर से उफनाने लगी है। लगातार जलस्तर बढ़ने से आसपास बसे गांवों के लोगों में बाढ़ की दहशत बढ़ गई है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
दो दिनों से धीमी गति से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर बुधवार सुबह तक खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे तक पहुंच गया। गौहानी कलां मार्ग पर बनी पुलिया के नीचे व सिकरोड़ी के किनारे बने श्मशान घाट तक पानी पहुंच गया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए यमुना के आसपास गांवों के लोगों में बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है, हालांकि प्रशासन भी पूरी तरह तैयारी में जुटा हुआ है।
बाढ़ क्षेत्र की चौकियों को अलर्ट जारी किया गया है। राहत केंद्र व राहत सामग्री की भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जलस्तर लगातार बढ़ने से सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज ततारपुर, बबाईंन आदि गांवों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ सकती है।
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उधर, एसडीएम निखिल राजपूत तथा तहसीलदार अविनाश कुमार लगातार गांवों में चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने गौहानी कलां व सिकरोड़ी के लोगों से मुलाकात कर उनसे हाल चाल जाना। बुधवार को यमुना किनारे बसे गांव ततारपुर, सिकरना, बबाईन आदि में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की तथा चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया।
एसडीएम ने बताया कि यमुना का जलस्तर बुधवार को 109 मीटर तक पहुंच गया है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। तहसील प्रशासन सहित सभी विभागों के कर्मचारियों को गांव में पहुंचकर लोगों को जागरूक करने व पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कहा गया है।
जलस्तर और बढ़ा तो गौहानी कलां का टूट सकता संपर्क
बुधवार को जिस तेजी से यमुना का जलस्तर बढ़ा है। अगर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो गुरुवार सुबह तक गौहानी कलां के संपर्क मार्ग पर पानी पहुंच सकता है। अजीतमल से सिकरोड़ी रोड से गौहानी कलां जाने वाले मार्ग पर एक रपटा पुल है। जिस पर हर वर्ष बाढ़ आते ही पानी पहुंचता है। हर वर्ष इस पुल को ऊंचा कराए जाने के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन बाढ़ खत्म होने के बाद कोई कार्य नहीं किया जाता है। इस बार भी अगर जलस्तर लगातार बढ़ता रहा, तो सबसे पहले गौहानी कलां मार्ग का संपर्क टूटेगा।
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दो दिनों से धीमी गति से बढ़ रहा यमुना का जलस्तर बुधवार सुबह तक खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे तक पहुंच गया। गौहानी कलां मार्ग पर बनी पुलिया के नीचे व सिकरोड़ी के किनारे बने श्मशान घाट तक पानी पहुंच गया है। लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए यमुना के आसपास गांवों के लोगों में बाढ़ का खतरा मड़राने लगा है, हालांकि प्रशासन भी पूरी तरह तैयारी में जुटा हुआ है।
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बाढ़ क्षेत्र की चौकियों को अलर्ट जारी किया गया है। राहत केंद्र व राहत सामग्री की भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जलस्तर लगातार बढ़ने से सिकरोड़ी, गौहानी कलां, गौहानी खुर्द, जाजपुर, असेवटा, असेबा, जुहीखा, बडेरा, गूंज ततारपुर, बबाईंन आदि गांवों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ सकती है।
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उधर, एसडीएम निखिल राजपूत तथा तहसीलदार अविनाश कुमार लगातार गांवों में चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने गौहानी कलां व सिकरोड़ी के लोगों से मुलाकात कर उनसे हाल चाल जाना। बुधवार को यमुना किनारे बसे गांव ततारपुर, सिकरना, बबाईन आदि में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की तथा चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया।
एसडीएम ने बताया कि यमुना का जलस्तर बुधवार को 109 मीटर तक पहुंच गया है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। तहसील प्रशासन सहित सभी विभागों के कर्मचारियों को गांव में पहुंचकर लोगों को जागरूक करने व पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए कहा गया है।
जलस्तर और बढ़ा तो गौहानी कलां का टूट सकता संपर्क
बुधवार को जिस तेजी से यमुना का जलस्तर बढ़ा है। अगर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो गुरुवार सुबह तक गौहानी कलां के संपर्क मार्ग पर पानी पहुंच सकता है। अजीतमल से सिकरोड़ी रोड से गौहानी कलां जाने वाले मार्ग पर एक रपटा पुल है। जिस पर हर वर्ष बाढ़ आते ही पानी पहुंचता है। हर वर्ष इस पुल को ऊंचा कराए जाने के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन बाढ़ खत्म होने के बाद कोई कार्य नहीं किया जाता है। इस बार भी अगर जलस्तर लगातार बढ़ता रहा, तो सबसे पहले गौहानी कलां मार्ग का संपर्क टूटेगा।