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Auraiya News: प्रेमानंद आश्रम में जलभराव से परेशानी
Sat, 25 Jul 2026 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 25 Jul 2026 12:59 AM IST
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फोटो -5- मंदिर परिसर में भरा पानी व विचरण करते जानवर। संवाद
औरैया। खानपुर कस्बे के समीप स्थित प्रेमानंद आश्रम मंदिर परिसर में फैली गंदगी और जलभराव की समस्या से नागरिक परेशान हैं।
बारिश के मौसम में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में कीचड़ जमा होने के कारण लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। श्रद्धालुओं ने साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण कराने की मांग की है।
लोगों का आरोप है कि जलभराव और गंदगी के चलते आवारा मवेशियों व गोवंश का परिसर में जमावड़ा लगा रहता है। कीचड़ के कारण इलाके में तेज दुर्गंध फैल रही है। इससे सुबह-शाम मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इसके अलावा मंदिर के सामने वाली सड़क पर स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण रात में अंधेरा पसरा रहता है।
इससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। पूर्व में भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से सफाई की गुहार लगाई गई लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वर्ष 1952 में स्थापित प्रेमानंद आश्रम का यह प्राचीन मंदिर अब देखरेख के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंच रहा है। लोगों के अनुसार पूर्व में सदर विधायक गुड़िया कठेरिया और नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता को भी इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। उस समय जलभराव की जगह पर मिट्टी डलवाकर समतलीकरण का आश्वासन मिला था लेकिन यह दावा पूरी तरह हवा-हवाई साबित हुआ।
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लोग बोले-सुनवाई नहीं हो रही
यहां फैली गंदगी और जलभराव को लेकर विधायक और चेयरमैन दोनों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 1952 में बने इस प्राचीन मंदिर की हालत जर्जर हो रही है। - प्रदीप दीक्षित, खानपुर कस्बा
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रोजाना मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आते हैं लेकिन बाहर फैले कीचड़ और मवेशियों के जमावड़े के कारण भारी परेशानी होती है। मंदिर परिसर की नियमित सफाई और सौंदर्यीकरण आवश्यक है। - सरोज, श्रद्धालु
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वर्जन-- -
मामले को लेकर मोहल्ले के लोगों ने संपर्क किया था। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही समस्या को हल कराते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। अनूप गुप्ता, पालिकाध्यक्ष
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बारिश के मौसम में मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में कीचड़ जमा होने के कारण लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। श्रद्धालुओं ने साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण कराने की मांग की है।
लोगों का आरोप है कि जलभराव और गंदगी के चलते आवारा मवेशियों व गोवंश का परिसर में जमावड़ा लगा रहता है। कीचड़ के कारण इलाके में तेज दुर्गंध फैल रही है। इससे सुबह-शाम मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इसके अलावा मंदिर के सामने वाली सड़क पर स्ट्रीट लाइटें न होने के कारण रात में अंधेरा पसरा रहता है।
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इससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। पूर्व में भी कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से सफाई की गुहार लगाई गई लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
वर्ष 1952 में स्थापित प्रेमानंद आश्रम का यह प्राचीन मंदिर अब देखरेख के अभाव में जर्जर स्थिति में पहुंच रहा है। लोगों के अनुसार पूर्व में सदर विधायक गुड़िया कठेरिया और नगर पालिका अध्यक्ष अनूप गुप्ता को भी इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। उस समय जलभराव की जगह पर मिट्टी डलवाकर समतलीकरण का आश्वासन मिला था लेकिन यह दावा पूरी तरह हवा-हवाई साबित हुआ।
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लोग बोले-सुनवाई नहीं हो रही
यहां फैली गंदगी और जलभराव को लेकर विधायक और चेयरमैन दोनों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 1952 में बने इस प्राचीन मंदिर की हालत जर्जर हो रही है। - प्रदीप दीक्षित, खानपुर कस्बा
रोजाना मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आते हैं लेकिन बाहर फैले कीचड़ और मवेशियों के जमावड़े के कारण भारी परेशानी होती है। मंदिर परिसर की नियमित सफाई और सौंदर्यीकरण आवश्यक है। - सरोज, श्रद्धालु
वर्जन
मामले को लेकर मोहल्ले के लोगों ने संपर्क किया था। उन्हें आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही समस्या को हल कराते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। अनूप गुप्ता, पालिकाध्यक्ष

फोटो -5- मंदिर परिसर में भरा पानी व विचरण करते जानवर। संवाद

फोटो -5- मंदिर परिसर में भरा पानी व विचरण करते जानवर। संवाद