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अपराधी किस्म के प्रत्याशियों का जन जागरण समिति ने किया विरोध
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ककोर। जन जागरण समिति ने अपराधियों का वोटर कार्ड निरस्त करने की मांग उठाई है। साथ ही राजनीतिक दलों की ओर से अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को प्रत्याशी बनाने का विरोध किया है। समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री व भारत निर्वाचन आयोग को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा।
पदाधिकारियों ने कहा कि अपराधी तत्वों को प्रत्याशी बनाने वाले दलों की मान्यता समाप्त करने के लिए कानून बनाया जाए। अपराधी तत्व जब तक अपराध से बरी न हो जाएं, तब तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए। इनका मतदाता पहचान पत्र भी निरस्त किया जाए। अपराधी तत्वों के सभी संबंधियों को भी चुनाव लड़ने से रोका जाए।
राजनीति सेवा का क्षेत्र है, इसलिए सांसदों व विधायकों को मिलने वाली पेंशन व अन्य सुविधाएं बंद की जाएं। उप्र विधानसभा चुनाव 2022 में कई अपराधी किस्म के लोग चुनाव लड़ रहे हैं, उन जगहों पर चुनावों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
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इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन की जनविरोधी कार्यशैली में सुधार लाने के लिए राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी दिया। इस दौरान महेश चंद्र पांडेय, रामरतन पाल, सुरेश सिंह राजावत, रामनाथ त्रिपाठी व रामअवतार दोहरे आदि मौजूद रहे।
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पदाधिकारियों ने कहा कि अपराधी तत्वों को प्रत्याशी बनाने वाले दलों की मान्यता समाप्त करने के लिए कानून बनाया जाए। अपराधी तत्व जब तक अपराध से बरी न हो जाएं, तब तक उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए। इनका मतदाता पहचान पत्र भी निरस्त किया जाए। अपराधी तत्वों के सभी संबंधियों को भी चुनाव लड़ने से रोका जाए।
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राजनीति सेवा का क्षेत्र है, इसलिए सांसदों व विधायकों को मिलने वाली पेंशन व अन्य सुविधाएं बंद की जाएं। उप्र विधानसभा चुनाव 2022 में कई अपराधी किस्म के लोग चुनाव लड़ रहे हैं, उन जगहों पर चुनावों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
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इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन की जनविरोधी कार्यशैली में सुधार लाने के लिए राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी दिया। इस दौरान महेश चंद्र पांडेय, रामरतन पाल, सुरेश सिंह राजावत, रामनाथ त्रिपाठी व रामअवतार दोहरे आदि मौजूद रहे।