फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Troubled by inflation, how to survive with mid day meal?

Auraiya News: महंगाई से बुराहाल, मिड डे मील से कैसे पनपे नौनिहाल

Thu, 03 Oct 2024 01:17 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2024 01:17 AM IST
विज्ञापन
Troubled by inflation, how to survive with mid day meal?
उन्नाव। बजट कम, खर्च अधिक की व्यवस्था होने से परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को मिड-डे-मील में पौष्टिक भोजन देना, शिक्षकों की परेशानी का कारण बन गया है। दो साल में महंगाई डेढ़ से दो गुना बढ़ गई, लेकिन मध्याह्न भोजन योजना की कनवर्जन कास्ट में आवश्यक इजाफा नहीं हुआ। कई-कई महीने कनवर्जन कास्ट नहीं मिल पाती। दो महीने से खाते में नहीं आई। शिक्षकों को अपने पास से खर्च करना पड़ता है। मालूम हो कि प्राथमिक स्कूलों में प्रति छात्र के हिसाब से 5.45 रुपये और उच्च प्राथमिक में प्रति छात्र 8.17 रुपये की दर से कनवर्जन कास्ट मिलती है।
विज्ञापन

जिले के कुल 2709 परिषदीय स्कूलों में 1833 प्राथमिक, 451 उच्च प्राथमिक और 375 कंपोजिट स्कूल हैं। इनमें 1.20 लाख छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। मिड-डे मील के गेहूं और चावल की आपूर्ति गांव के कोटे की दुकान से होती है। जबकि सब्जी, दाल, तेल, मसाले, दूध व फल की खरीदारी महंगाई के चलते कठिन हो गई है। बाजार में इनके दाम काफी बढ़ गए हैं। प्राथमिक स्तर पर प्रति बच्चे 5.45 और उच्च प्राथमिक स्कूलों को प्रति बच्चे के हिंसाब से 8.17 रुपये कनवर्जन कास्ट दी जा रही है। वर्तमान में सरसों तेल 190 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम में मिल रहा है। वहीं सब्जी के भाव भी आसमान छू रहे हैं। छात्रों को सोमवार को फल और बुधवार को बच्चों को दूध भी देना होता है।
विज्ञापन

मौजूदा समय में एक फल की कीमत तीन से चार रुपये होती है। वहीं दूध का मूल्य 50 रुपये प्रति लीटर है। गैस सिलिंडर भी 850 रुपये का हो चुका है। बुधवार को दूध के साथ तहरी भी देनी है। दूध के लिए पैसा अलग से नहीं आता। इससे हर सप्ताह यह पैसा कम पड़ जाता है। शिक्षकों का कहना है कि एक बच्चे पर 12 से 14 रुपये का खर्च आता है। शिक्षकों का कहना है कि वह अच्छा भोजन बनवाने का प्रयास करते हैं लेकिन किसी तरह काम चलाना पड़ रहा है। अक्सर कनवर्जन कास्ट समय पर नहीं आती। इससे महीने अपने पास से खर्च करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एमडीएम प्रभारी रामजी ने बताया कि सरकार से जो धनराशि मिल रही है वह भेजी जाती है। कभी कभार लेट लतीफी होती है। दो महीने की कास्ट भेज दी गई है। अभी दो महीने की कनवर्जन कास्ट भेजनी है। जल्द ही भेजी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed