{"_id":"6207fbfdd050013865733016","slug":"troubled-by-having-dry-cough-even-after-eight-months-auraiya-news-knp6802940132","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ माह बाद भी सूखी खांसी कर रही परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ माह बाद भी सूखी खांसी कर रही परेशान
विज्ञापन
जिला अस्पताल में डॉक्टर से परामर्श लेते मरीज। संवाद
- फोटो : AURAIYA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
औरैया। कोरोना संक्रमण से ठीक होने के आठ माह बाद भी लोगों की सूखी खांसी नहीं ठीक हुई। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा लंग्स फाइब्रोसिस (फेफड़े खराब होना) के कारण हो रहा है। ऐसे मरीजों को एंटी फाइब्रोटिक दवाएं देकर इलाज किया जा रहा है। सूखी खांसी का इलाज एक से दो साल तक चल सकता है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में लोग लंग्स फाइब्रोसिस के शिकार हुए हैं। संक्रमण के कारण फेफड़े खराब होने से कई लोगों की तो मौत भी हो गई। कई लोग पूरी तरह से बीमारी से उबर नहीं पाए हैं। सूखी खांसी बड़ी परेशानी बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक लंग्स फाइब्रोसिस के अधिकतर मरीज 50 साल से अधिक उम्र के हैं। इन मरीजों की सांस की दवा चल रही है।
औरैया सदर निवासी 55 वर्षीय राजू पाल मई-2021 में कोरोना से संक्रमित हुए थे। कई दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहना पड़ा था। सीटी स्कोर भी बढ़ गया था। वह कोरोना संक्रमण से ठीक होकर तो आ गए, लेकिन सांस फूलने और खांसी की शिकायत बनी रही। आठ महीने से सूखी खांसी का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
तुर्कीपुर निवासी 61 वर्षीय अच्छेलाल कोरोना से उबरने के बाद भी सांस फूलने की बीमारी से परेशान हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने दवाओं के साथ लगातार योग करने की सलाह दी है। अब स्थिति में सुधार होना शुरू हो गया है। डॉक्टर का कहना है कि पूरी तरह ठीक होने में तीन से चार महीने लग जाएंगे।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में लोग लंग्स फाइब्रोसिस के शिकार हुए हैं। संक्रमण के कारण फेफड़े खराब होने से कई लोगों की तो मौत भी हो गई। कई लोग पूरी तरह से बीमारी से उबर नहीं पाए हैं। सूखी खांसी बड़ी परेशानी बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक लंग्स फाइब्रोसिस के अधिकतर मरीज 50 साल से अधिक उम्र के हैं। इन मरीजों की सांस की दवा चल रही है।
विज्ञापन
औरैया सदर निवासी 55 वर्षीय राजू पाल मई-2021 में कोरोना से संक्रमित हुए थे। कई दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहना पड़ा था। सीटी स्कोर भी बढ़ गया था। वह कोरोना संक्रमण से ठीक होकर तो आ गए, लेकिन सांस फूलने और खांसी की शिकायत बनी रही। आठ महीने से सूखी खांसी का इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
तुर्कीपुर निवासी 61 वर्षीय अच्छेलाल कोरोना से उबरने के बाद भी सांस फूलने की बीमारी से परेशान हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने दवाओं के साथ लगातार योग करने की सलाह दी है। अब स्थिति में सुधार होना शुरू हो गया है। डॉक्टर का कहना है कि पूरी तरह ठीक होने में तीन से चार महीने लग जाएंगे।