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Auraiya News: जलमग्न फसलों का होगा सर्वे, नुकसान पर मिलेगा मुआवजा
Tue, 23 Dec 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 23 Dec 2025 12:26 AM IST
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फोटो-18- निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम व सिंचाई विभाग के अधिकारी।संवाद
अटसू। एसडीएम अजीतमल निखिल राजपूत व सिंचाई विभाग के अधिकारी लगातार तीन दिनों से जलभराव से बर्बाद रही किसानों की फसलों का निरीक्षण करने पहुंचे।
सोमवार को एसडीएम ने किसानों की समस्या सुनी और उन्हें फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने माइनरों में हो रहे पानी रिसाव व टूट-फूट ठीक कराने के निर्देश दिए और माइनर का पानी रोकने को कहा।
भदसान माइनर में पानी ओवरफ्लो होकर शाहुपर बेदी के तालाब में भरने के बाद खेतों में भर रहा है। इससे क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में गेहूं, आलू, सरसों सहित अन्य रबी फसलें पानी में डूब गई। खेतों में लगातार भरे पानी के कारण फसलें सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं।
इससे परेशान किसानों द्वारा रविवार को कोतवाली अजीतमल व तहसील पहुंचकर प्रदर्शन भी किया गया था। किसानों का आरोप था कि सिंचाई विभाग की लापरवाही और जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण यह स्थिति बनी है।
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इस पर सोमवार को एसडीएम निखिल राजपूत मौके पर पहुंचे और किसानों की बात को सुना। उन्होंने पानी से डूबे खेतों को देखा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां माइनर या नहर से रिसाव अथवा टूट-फूट के कारण पानी खेतों में जा रहा है, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही जलनिकासी के वैकल्पिक रास्ते बनाकर खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टेल तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से छोड़े गए पानी के दौरान कुछ स्थानों पर नाले व माइनर में तकनीकी खामियों के कारण ओवरफ्लो की स्थिति उत्पन्न हुई है। इससे खेतों में पानी फैल गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही प्रभावित हिस्सों की मरम्मत कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।
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सोमवार को एसडीएम ने किसानों की समस्या सुनी और उन्हें फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने माइनरों में हो रहे पानी रिसाव व टूट-फूट ठीक कराने के निर्देश दिए और माइनर का पानी रोकने को कहा।
भदसान माइनर में पानी ओवरफ्लो होकर शाहुपर बेदी के तालाब में भरने के बाद खेतों में भर रहा है। इससे क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों में गेहूं, आलू, सरसों सहित अन्य रबी फसलें पानी में डूब गई। खेतों में लगातार भरे पानी के कारण फसलें सड़ने की कगार पर पहुंच गई हैं।
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इससे परेशान किसानों द्वारा रविवार को कोतवाली अजीतमल व तहसील पहुंचकर प्रदर्शन भी किया गया था। किसानों का आरोप था कि सिंचाई विभाग की लापरवाही और जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण यह स्थिति बनी है।
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इस पर सोमवार को एसडीएम निखिल राजपूत मौके पर पहुंचे और किसानों की बात को सुना। उन्होंने पानी से डूबे खेतों को देखा और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां-जहां माइनर या नहर से रिसाव अथवा टूट-फूट के कारण पानी खेतों में जा रहा है, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही जलनिकासी के वैकल्पिक रास्ते बनाकर खेतों से पानी निकालने की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि टेल तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से छोड़े गए पानी के दौरान कुछ स्थानों पर नाले व माइनर में तकनीकी खामियों के कारण ओवरफ्लो की स्थिति उत्पन्न हुई है। इससे खेतों में पानी फैल गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही प्रभावित हिस्सों की मरम्मत कर समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा।