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Auraiya News: टीम ने बागवानी में लगे रोग की जांचकर बताए उपाय
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अजीतमल। कृषि विशेषज्ञों की एक टीम बुधवार को क्षेत्र के गांव पूठा पहुंची। जहां फसलों की जांच करने के साथ ही मिट्टी के नमूने लिए गए। तो वहीं किसानों को फसलों की बीमारियों से बचाने के उपाय भी बताए।
डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर पहुंची टीम किसान पदम सिंह के पांच एकड़ खेत में पहुंच। टीम में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. आईपी ने वहां की जा रही मौसमी फसल की जांच की। जिसमें उन्होंने पाया कि पौधा में डाईबेक बीमारी, पत्ती में काला कीड़ा लगा पाया। जिसके रोकथाम के लिए खेत मालिक को 24डी एक एमएल प्रति 10 लीटर पानी में या 2,4,5 टी10पीपीएम और प्लेनोफिक्स एक एमएल प्रति 4.5 लीटर पानी में लेकर के 15 से 20 दिन के अंतराल से छिड़काव करने की सलाह दी। दो दिन पहले डीएम ने पूठा गांव पहुंचकर उद्यान विभाग द्वारा संचालित बागवानी का औचक निरीक्षण किया था। वहां पर फसल में बीमारी पाई गई थी। तब जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा को टीम भेजने के निर्देश दिए गए थे। सहायक तकनीकी प्रवीन दुबे, मोहित चौधरी द्वारा मिट्टी की जांच हेतु नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजा।
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डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर पहुंची टीम किसान पदम सिंह के पांच एकड़ खेत में पहुंच। टीम में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. आईपी ने वहां की जा रही मौसमी फसल की जांच की। जिसमें उन्होंने पाया कि पौधा में डाईबेक बीमारी, पत्ती में काला कीड़ा लगा पाया। जिसके रोकथाम के लिए खेत मालिक को 24डी एक एमएल प्रति 10 लीटर पानी में या 2,4,5 टी10पीपीएम और प्लेनोफिक्स एक एमएल प्रति 4.5 लीटर पानी में लेकर के 15 से 20 दिन के अंतराल से छिड़काव करने की सलाह दी। दो दिन पहले डीएम ने पूठा गांव पहुंचकर उद्यान विभाग द्वारा संचालित बागवानी का औचक निरीक्षण किया था। वहां पर फसल में बीमारी पाई गई थी। तब जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा को टीम भेजने के निर्देश दिए गए थे। सहायक तकनीकी प्रवीन दुबे, मोहित चौधरी द्वारा मिट्टी की जांच हेतु नमूना लेकर जांच के लिए लैब भेजा।
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